
UP के चुनावी रण में Kairana बना हथियार, पूरब के बाद अब पश्चिम पर नजर, देखें दंगल
AajTak
यूपी में प्रचार युद्ध आज अपने चरम पर जा पहुंचा जब अमित शाह यूपी सियासत के हॉट सीट कैराना की गलियों में जा पहुंचे. घर घर लोगों को प्रचार का पर्चा बांटा. पलायन करने के बाद वापस कैराना लौटे लोगों से मुलाकात की और कहा कि योगी राज में अब किसी को किसी भी तरीके का डर नहीं है, जबकि 2017 से पहले ऐसा नहीं था. साफ है कि अमित शाह ने कैराना को हथियार बनाकर पश्चिमी यूपी में आरपार की जंग छेड़ दी है. अखिलेश ने भी प्रेस कॉन्फ्रेस करके बीजेपी के खिलाफ हमला बोला और वादों की झड़ी लगाई. तो वहीं ओवैसी ने भी एक नया मोर्चा बनाकर यूपी की जंग को और दिलचस्प बना दिया है. देखें इसी मुद्दे पर दंगल.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










