
Tesla के लिए रेड कार्पेट, चीनी BYD को 'नो एंट्री'! जानें पीयूष गोयल के बयान के मायने
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BYD Manufacturing Plan in India: चीनी कार कंपनी बिल्ड योर ड्रीम (BYD) कई सालों से भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कर रही है. लेकिन अब तक कंपनी को भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की अनुमति नहीं मिली है. इस बार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अभी चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माता BYD के लिए अपने दरवाजे नहीं खोलेगा.
चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी बिल्ड योर ड्रीम (BYD) का खुद का सपना चकनाचूर होता नज़र आ रहा है. चीनी कार कंपनी भले ही भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री लंबे समय से कर रही है. लेकिन कंपनी को भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की इजाजत अब तक नहीं मिली है. एक बार फिर से BYD की इंडिया एंट्री को भारत सरकार से ग्रीन सिग्नल नहीं मिला है. इस बात को खुद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कन्फर्म किया है.
पीयूष गोयल ने क्या कहा...
मुंबई में इंडिया ग्लोबल फोरम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अभी चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माता BYD के लिए अपने दरवाजे नहीं खोलेगा. गोयल ने कहा, "BYD को हमें यह भरोसा दिलाना होगा कि वे देश के नियमों के अनुसार काम करेंगे." यदि बीवाईडी को भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाना है तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा.
सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए गोयल ने “तीसरे देश द्वारा डंपिंग” की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस बात के अधिकाधिक उदाहरण सामने आ रहे हैं कि जमीनी स्तर पर किस तरह से कई अनुचित व्यवहार चल रहे हैं. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि “हमें देश के रणनीतिक और सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए इस बात को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है कि हम किसे निवेश करने की अनुमति देते हैं.”
चीनी कंपनियों को क्यों नहीं मिल रही एंट्री...
सरकारी अधिकारियों ने चीनी कार कंपनियों की अपारदर्शी ओनरशिप स्ट्रक्चर के अलावा चीनी सरकार और सेना के साथ उनके संभावित संबंधों पर चिंता व्यक्त की है. इसके अतिरिक्त, चीन की नॉन-मार्केट इकोनॉमी स्टेटस से संबंधित मुद्दे भी एक बड़ा सवाल है. जैसे कि स्टेट सब्सिडी और कर्ज माफ़ी इत्यादि जो कॉम्पटीशन को डैमेज कर सकती है. ऐसे कई पहलुओं को उजागर किया गया है. केवल BYD ही नहीं ऐसी ही एक और चीनी कार कंपनी ग्रेट वॉल मोटर कंपनी भी आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल न मिल पाने के कारण भारतीय बाजार से हट गई.

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












