
Team India: कहां गई टीम इंडिया में जूझने की क्षमता? मानसिक तौर पर मजबूत नहीं दिख रहे खिलाड़ी
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भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा था. फाइनल मुकाबले की समाप्ति के बाद भारतीय खिलाड़ियों को काफी दिनों का ब्रेक मिला हुआ है. इस ब्रेक का फायदा वह खुद को मानसिक रूप से फिट बनाने के लिए कर सकते हैं.
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के चलते टीम इंडिया का आईसीसी खिताब जीतने का सपना एक बार फिर से चकनाचूर हो गया था. दिल तोड़ने वाली हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ की रणनीति सवालों के दायरे में आ चुकी है. भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह वर्कलोड को बताया जा रहा है क्योंकि फाइनल मुकाबले से पहले ज्यादातर खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में व्यस्त थे.
खिलाड़ी मानसिक रूप से थके दिखे
देखा जाए तो भारतीय खिलाड़ी फाइनल मुकाबला खेलने के लिए मानसिक रूप से भी फिट नहीं थे और उनमें जोश एवं जज्बे की साफ कमी आई. टीम इंडिया के खिलाड़ियों का इस तरीके का निराशाजनक प्रदर्शन आगामी वनडे वर्ल्ड कप के लिए कतई अच्छे संकेत नहीं दे रहा. फाइनल मुकाबले की समाप्ति के बाद भारतीय खिलाड़ियों को एक महीने का ब्रेक मिला हुआ है. इस ब्रेक का फायदा वह खुद को मानसिक रूप से फिट बनाने के लिए कर सकते हैं.
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के खिलाड़ियों को मानसिक रूप से फिट रखने के लिए के लिए समय-समय पर कदम उठाता आया है. पिछले साल खासतौर पर टी20 वर्ल्ड कप से पहले पैडी अप्टन को मेंटल कंडीशनिंग कोच नियुक्त किया था. हालांकि पैडी को जोड़ने का कुछ खास फायदा नहीं हुआ था और भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड से बुरी तरह हार गया था. पैडी 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान भी गैरी कर्स्टन की अगुवाई वाली सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे. उस साल भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 28 साल का सूखा खत्म किया था.
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पिछले 10 सालों से आईसीसी के नॉकआउट मैचों में भारतीय टीम का बुरा हाल रहा है. साल 2013 के बाद से टीम इंडिया एक भी खिताब नहीं जीत पाई है. टीम इंडिया को 2014 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. फिर ओडीआई वर्ल्ड कप (2015) और टी20 वर्ल्ड कप (2016) के सेमीफाइनल में भी भारत पराजित हुआ. चैम्पियंस ट्रॉफी (2017) और 2019 के वर्ल्ड कप में भी भारत की स्थिति कुछ ऐसी ही रही थी. 2021 और 2022 का टी20 वर्ल्ड कप भी भारत के लिए निराशाजनक रहा. वहीं 2021 और 2023 के वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में भी टीम इंडिया की हार हुई.

टीम इंडिया दो साल बाद एक बार फिर T20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने के लिए तैयार है. इस मिशन के लिए घोषित भारतीय स्क्वॉड में शुभमन गिल का बाहर होना और ईशान किशन की वापसी सबसे बड़ा सरप्राइज़ साबित हुआ. दिसंबर 2023 में ड्रॉप होने के बाद ईशान ने शिकायत की बजाय डोमेस्टिक क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के जरिए खुद को फिर साबित किया. अब पॉडकास्ट ‘बल्लाबोल’ में उनके बचपन के कोच उत्तम मजूमदार ने ईशान के कमबैक के पीछे छिपे कई राज खोले हैं. कोच का दावा है कि इस वर्ल्ड कप में फैन्स को ‘ईशान किशन 2.0’ देखने को मिलेगा.












