
Share Market Crash: खुलते ही बाजार हुआ धड़ाम, इन्वेस्टर्स में मचा कोहराम...LIC 3% से ज्यादा डाउन
AajTak
इससे पहले शुक्रवार को भी घरेलू बाजार में भारी-भरकम गिरावट देखने को मिली थी. बीएसई सेंसेक्स 1,016.84 अंक (1.84 फीसदी) गिरकर 54,303.44 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 54,205.99 अंक तक गिर गया था.
Stock Market Crash Today: पिछले कुछ महीने से बिकवाली की मार झेल रहे शेयर बाजार (Share Market) के बुरे दिन समाप्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं. भारी गिरावट के साथ पिछला सप्ताह समाप्त करने के बाद आज सोमवार को भी इन्वेस्टर्स को कोई राहत मिलने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. ग्लोबल प्रेशर (Global Pressure) और अन्य फैक्टर्स के कारण सप्ताह के पहले दिन सेशन शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) व एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) दोनों औंधे मुंह गिर गए और 2-2 फीसदी से ज्यादा के नुकसान में चले गए.
प्री-ओपन से ही भारी-भरकम गिरावट
आज कारोबार शुरू होने से पहले बाजार प्री-ओपन सेशन (Pre-Open Session) में ही भारी नुकसान में था. सेशन शुरू होने से पहले बीएसई सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट में था. निफ्टी भी प्री-ओपन में 2 फीसदी गिरा हुआ था. सिंगापुर में एसजीएक्स निफ्टी (SGX Nifty) भी जबरदस्त गिरा हुआ था. जैसे ही सेशन ओपन हुआ, बाजार की गिरावट और बढ़ गई. सेंसेक्स करीब 1200 अंक गिरकर खुला. सुबह के 09:20 बजे तक सेंसेक्स 53 हजार अंक से भी नीचे आ चुका था और करीब 1400 अंक के नुकसान के साथ ट्रेड कर रहा था. निफ्टी भी 380 अंक से ज्यादा के नुकसान के साथ 15,830 अंक से नीचे आ चुका था.
बुरा साबित हुआ था पिछला सप्ताह
इससे पहले शुक्रवार को भी घरेलू बाजार में भारी-भरकम गिरावट देखने को मिली थी. बीएसई सेंसेक्स 1,016.84 अंक (1.84 फीसदी) गिरकर 54,303.44 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 54,205.99 अंक तक गिर गया था. एनएसई निफ्टी भी इसी तर्ज पर 276.30 अंक (1.68 फीसदी) के भारी नुकसान के साथ 16,201.80 अंक पर बंद हुआ था. साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,233.22 अंक (2.22 फीसदी) के और निफ्टी 268.60 अंक (1.63 फीसदी) के नुकसान में रहा था.
LIC Stock पर इन्वेस्टर्स की निगाहें

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





