
SCO Summit: दौरे से पहले पीएम मोदी ने अपने संदेश में कही ये बात, जिनपिंग से मुलाकात पर सबकी नजरें
AajTak
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. दौरे को लेकर जारी संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि एससीओ शिखर सम्मेलन में सामयिक, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, एससीओ के विस्तार पर चर्चा के साथ ही इस पर भी बात करने के लिए उत्सुक हूं कि किस तरह संगठन में सहयोग को और गहरा किया जाए.
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात आठ बजे उज्बेकिस्तान पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. इस दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक हो सकती है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर वार्ता की घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन अनौपचारिक बातचीत की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता है. बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कजाकिस्तान की एक दिवसीय यात्रा के बाद समरकंद पहुंचे हैं.
उधर, पीएम मोदी ने अपने दौरे पर निकलने से पहले एक संदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा कि मैं उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर समरकंद के दौरे पर हूं. एससीओ शिखर सम्मेलन में सामयिक, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, एससीओ के विस्तार पर चर्चा के साथ ही इस पर भी बात करने के लिए उत्सुक हूं कि किस तरह संगठन में सहयोग को और गहरा किया जाए.
पीएम मोदी ने कहा कि उज्बेक अध्यक्षता से व्यापार, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्रों में आपसी सहयोग के लिए कई निर्णय लिए जाने की संभावना है.
मोदी बोले कि मैं समरकंद में राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से मिलने के लिए भी उत्साहित हूं. साल 2018 की उनकी भारत यात्रा मुझे आज भी याद है. उन्होंने 2019 में वाइब्रेंट गुजरात समिट में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भी शिरकत की थी. इसके अलावा मैं शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करूंगा.
मोदी की तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन से मुलाकात करने की अटकलें हैं लेकिन अभी इसकी भी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत की मेजबानी में नए समरकंद इंटरनेशनल टूरिस्ट सेंटर में विदेशी मेहमानों के लिए अनौपचारिक भोज की व्यवस्था की जाएगी. इसे विशेष तौर पर एससीओ समिट के लिए ही तैयार किया गया है.
कोरोना महामारी के बाद यह एससीओ की पहली बैठक है. आखिरी बार एससीओ की बैठक 2019 में किर्गिस्तान में हुई थी. इससे पहले 2020 में वर्चुअली तरीके से और 2021 में हाइब्रिड मोड से यह बैठकें हुई थीं.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






