
'टिकट कैंसिल हो गया, अब घर में नहीं मनेगी ईद...', मिडिल ईस्ट की जंग में फंसे भारतीयों का दर्द
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ईरान-इजरायल की जंग ने कई देशों को बुरी तरह से प्रभावित किया है. विदेश में रहने वाले लाखों भारतीयों की ईद इस बार हर साल की तरह नहीं है. क्योंकि जंग की वजह से आसमान छूते हवाई किराए ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है.
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध ने इस साल ईद की मिठास को कड़वाहट में बदल दिया है. 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग को अब करीब 20 दिन होने वाले हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं. एक तरफ जहां युद्ध की अनिश्चितता ने लोगों को सहमा दिया है, वहीं दूसरी ओर एयरलाइंस के आसमान छूते किराए ने घर वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. जंग से पहले के मुकाबले टिकटों की कीमतें अब कई गुना बढ़ चुकी हैं, जिससे आम आदमी के लिए अपने परिवार के साथ त्योहार मनाना अब एक नामुमकिन सा सपना बन गया है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले सईद रियाद में नौकरी करते हैं. वो हर साल की तरह इस बार भी अपने परिवार के साथ ईद मनाने के लिए अपने वतन लौट रहे थे, उन्होंने कई महीने पहले अपना टिकट भी बुक करा लिया था, लेकिन जंग के माहौल में उनके घर वापसी का सपना अधूरा रह गया है.
aajtak.in से बात करते हुए वो कहते हैं- 'अपने घरवालों के साथ ईद मनाने आ रहा था, ऐन वक्त पर कोई मुश्किल न हो इसलिए टिकट भी काफी पहले बुक करा लिया था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल हो गई. टिकट के रेट इतने बढ़ गए हैं कि मेरे लिए दोबारा टिकट खरीदना नामुमकिन हैं, इसलिए अब मैंने घर जाने का फैसला टाल दिया है और इस साल यहीं ईद मनेगी.'
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क्यों बढ़ रहे हैं टिकटों के दाम?
हवाई टिकटों के इतने महंगे होने के पीछे कई बड़े कारण हैं. एयर स्पेस बंद होने से फ्लाइट्स को लंबे रास्तों से आना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और किराया बढ़ा है, तो कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे मांग बढ़ने पर ब्लैक मार्केटिंग और अधिक किराए की स्थिति पैदा हो गई है. इसमें दुबई, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में रहने वाले भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

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