
Russia-Ukraine War: दोनों पक्षों की तरफ से क्यों लड़ रहे खूंखार चेचेन लड़ाके?
AajTak
बूचा के खूनी तांडव ने दुनिया को फिर से चेचेन लड़ाकों की दरिंदगी से रूबरू करवा दिया है. इस हैवानियत के चश्मदीदों बताया है कि बूचा में नरसंहार को अंजाम देने वाले दरिंदे चेचेन लड़ाके ही थे. चेचेन लड़ाकों के खूंखार स्वभाव को देखते हुए इनकी यूक्रेन में एंट्री के बाद से ही इस तरह के नरसंहार की आशंका जताई जा रही थी. चेचेन लड़ाकों ने आते ही मनमानी शुरू कर दी और दुनिया को बूचा का नरसंहार देखना पड़ा. पिछले हफ्ते की ही बात है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के एक प्रस्ताव को खारिज करते हुए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेनी दूत को धमकाते हुए कहा था - जाओ उनसे कह दो मैं उन्हें बर्बाद कर दूंगा. तो क्या बूचा की बर्बादी उसी धमकी का नतीजा है?

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











