
Russia-Ukraine Crises: प्रतिबंध लगाने के लिए आगे आ रहे कई देश, क्या झुकने वाला है रूस?
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी विवाद बढ़ता जा रहा है. अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक, कई देश अब खुलकर रूस के खिलाफ आ गए हैं. सभी रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं. लेकिन क्या ये प्रतिबंध रूस को झुका पाएंगे?
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का अलार्म बज चुका है. पुतिन की सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और अब अमेरिका और यूरोपीय देशों के पास ना तो ज्यादा विकल्प हैं और ना ही ज्यादा वक्त. पुतिन ने तय कर लिया है... या तो यूक्रेन नाटो (NATO) का मोह छोड़ दे, या फिर युद्ध झेलने के लिए तैयार रहे. अब रूस के इस 'ना झुकने' वाले रवैया का तोड़ किया है? पूरी दुनिया विस्तारवादी रूस पर कैसे पार पाएगी?

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









