
Repo Rate: आ गए RBI के नतीजे... लोन की EMI पर इस बार भी राहत नहीं, रेपो रेट यथावत
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RBI MPC Results On Repo Rate: बुधवार को शुरू हुई आरबीआई की एमपीसी बैठक के नतीजे आ गए हैं और रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत ने ऐलान करते हुए कहा कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
भारतीय रिजर्व की एमपीसी बैठक (EBI MPC Results) के नतीजे सामने आ गए हैं और इस बार भी रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी ये 6.50 फीसदी पर यथावत रखा गया है. इससे पहले इस वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली MPC Meeting में भी पॉलिसी रेट स्थिर रखे गए थे. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को मुंबई में शुरू हुई बैठक के नतीजों का ऐलान किया. रेपो रेट स्थिर रहने से आपके लोन की ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा.
फरवरी 2023 से रेपो रेट स्थिर आरबीआी गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक, एमपीसी के छह में से 4 सदस्य रेपो रेट में किसी भी बदलाव के पक्ष में नहीं दिखे. नए वित्तीय वर्ष की ये दूसरी MPC Meeting है और फिलहाल रेपो रेट 6.50 फीसदी पर स्थिर है. रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेटो रेट बदला था और इसे 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.50 फीसदी कर दिया था. इसके बाद से इसे चेंज नहीं किया गया है.
शुक्रवार को नतीजों का ऐलान करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि मई की एमपीसी बैठक में चर्चा के बाद रेपो रेट 6.50% पर बरकरार रखने के साथ ही रिवर्स रेपो रेट 3.35%, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 6.25%, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट 6.75% और बैंक रेट 6.75% पर रखा गया है.
Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है.
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