
Ramadan 2021: मुस्लिम देशों में रमजान में काम के घंटे हो जाते हैं कम, जानें कई दिलचस्प बातें
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दुनिया के कई हिस्सों में आज रमजान की शुरूआत हो चुकी है लेकिन भारत में रमजान कल यानी 14 अप्रैल को मनाया जाएगा. रमजान की तिथि चांद दिखने पर निर्भर करती है इसलिए पूरी दुनिया में ये अलग-अलग समय पर मनाया जाता है. आइए जानते हैं रमजान और रोजे से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.
दुनिया के कई हिस्सों में रमजान की शुरुआत 13 अप्रैल को हो चुकी थी, लेकिन भारत में रमजान आज यानी 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है. रमजान की तिथि चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए पूरी दुनिया में ये अलग-अलग समय पर मनाया जाता है. आइए जानते हैं रमजान और रोजे से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें. मुसलमान क्यों रखते हैं उपवास- रमजान के दौरान उपवास रखने का मुख्य उद्देश्य खुद को अल्लाह के करीब लाना है. दूसरे धर्मों में उपवास रखने का जो मकसद होता है, ठीक वैसे ही रमजान खुद को शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने के एक तरीके के रूप में देखा जाता है. रमजान के दौरान मुसलमान दान करते हैं और भूखों को खाना खिलाते हैं. इस महीने कई मुसलमान ज्यादा से ज्यादा समय मस्जिदों में बिताते हैं और कुरान पढ़ते हैं. नमाज, दान, आस्था, मक्का में हज यात्रा करने के साथ रमजान के दौरान रोजा रखने को भी इस्लाम में पाचवां स्तंभ माना जाता है. कैसे रखा जाता है रोजा- रमजान में पूरे महीने मुसलमान सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज करते हैं. पानी का एक घूंट भी रोजा तोड़ देता है. हालांकि, मुस्लिम विद्वानों का कहना है कि रमजान में सिर्फ खान-पान से दूरी बनाना ही काफी नहीं है. इस दौरान किसी भी तरह के वाद-विवाद और व्यर्थ की बातों से भी दूर रहना चाहिए. रोजे के दौरान शारीरिक संपर्क बनाना सख्त मना है.
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