
Rahul Dravid IND vs SL Series: 'समजनार नाही लोकांना', पत्रकारों को मराठी में जवाब देने लगे राहुल द्रविड़, वीडियो वायरल
AajTak
भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 16 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जहां उनका अलग अंदाज देखने को मिला. दरअसल राहुल द्रविड़ पत्रकारों को मराठी भाषा में उत्तर देने लगे जिसे देखकर सभी हैरान थे.
टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 16 रनों से हार का सामना करना पड़ा. मेन इन ब्लू की इस हार का मतलब यह हुआ कि टी20 सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आ चुकी है. अब सीरीज के विजेता का फैसला तीसरे टी20 मुकाबले से होना है. तीसरा टी20 मुकाबला 7 जनवरी (शनिवार) को राजकोट में खेला जाना है.
पुणे में हुए दूसरे टी20 मैच के बाद टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान राहुल द्रविड़ से पुणे में हुए हाई स्कोरिंग गेम के बारे में पूछा गया. द्रविड़ ने मराठी में बोलना शुरू किया लेकिन अचानक उन्होंने कहा कि क्या वह अंग्रेजी में उत्तर दे सकते हैं. इंदौर में पैदा हुए और बेंगलुरु में पले-बढ़े द्रविड़ एक मराठी भाषी ब्राह्मण परिवार से आते हैं.
राहुल द्रविड़ ने कहा, 'मी अंग्रेजी मधे सांगतो. समजनार नाही लोकांना. माझी मराठी महित नहीं, पण ठीक आहे (मैं अंग्रेजी में बोलूं, लोग मेरी मराठी नहीं समझेंगे. मुझे नहीं पता कि मैं इसमें कितना अच्छा हूं लेकिन ठीक है). पत्रकार के अनुरोध पर द्रविड़ ने मराठी में बोलना जारी रखा.
Dravid's super cute Marathi interaction with journo at press conference following 2nd #INDvsSL T20I. Video credit @BCCI pic.twitter.com/nluSvAJJ8E
राहुल द्रविड़ ने कहा, 'इस मैदान पर काफी छक्के मारे जाते हैं. श्रीलंका ने 14 छक्के लगाए, हमने 12 सिक्सर मारे. इस मैदान पर इतने छक्के मारे जा सकते हैं, ऐसे में आप कभी भी खेल से बाहर नहीं होते. आप कभी भी वापसी कर सकते हैं क्योंकि यहां बड़े ओवर हो सकते हैं, अक्षर पटेल ने वानिंदु हसरंगा के खिलाफ एक ओवर को बड़ा बनाने में सफल रहे.'
तीसरे मैच को लेकर द्रविड़ का ये बयान

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












