
Punjab Elections: पंजाब में सिद्धू के स्ट्रैटजिक सलाहकार की 'आप' को धमकी, देखें नॉनस्टॉप
AajTak
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले नवजोत सिद्धू के स्ट्रैटजिक सलाहकार और पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने आम आदमी पार्टी को खुली धमकी दे दी है. मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि मेरे जलसे के बगल में जलसा हुआ तो अंजाम भुगतना होगा. मोहम्मद मुस्तफा ने आम आदमी पार्टी की जनसभा में पहुंची भीड़ को देखकर आपा खो दिया और गुस्से में पार्टी को धमकी दे डाली. पंजाब के मलेरकोटला में एक चुनावी सभा हो रही थी. बगल में ही आम आदमी पार्टी की सभा भी चल रही थी. आम आदमी पार्टी की जनसभा में जुटी भीड़ को देखकर मोहम्मद मुस्तफा को गुस्सा आ गया और उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि 'मैं इनकी तरह आरएसएस का एजेंट नहीं हूं. अगर अपनी पर आ गया, तो इनको एक भी जलसा नहीं करने दूंगा. मैं कौम का सिपाही हूं और कौम के लिए खड़ा रहूंगा.' देखें नॉनस्टॉप 100 का ये एपिसोड.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र सौंपा गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि वे उनके बॉस हैं और अब वे सभी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. देखें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें.

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा टर्म नवंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे स्पेकुलेशन बढ़ा. होम मिनिस्टर जी परमेश्वर भी फ्रे में हैं, लेकिन मुख्य जंग सिद्धारमैया-डीके के बीच है. पार्टी वर्कर्स में कन्फ्यूजन है, लेकिन हाई कमांड का फोकस यूनिटी पर है. क्या 29 जनवरी का समन टसल खत्म करेगा या नया ड्रामा शुरू होगा? देखना बाकी है.









