
PM मोदी के मोरबी दौरे से पहले अस्पताल में रंगाई-पुताई, कांग्रेस बोली- त्रासदी का इवेंट
AajTak
रविवार की शाम गुजरात के मोरबी में हैंगिंग ब्रिज टूट जाने से बड़ा हादसा हो गया था. घटना में 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे के बाद पीएम मोदी ने तत्काल गुजरात के सीएम से बात कर जानकारी ली थी और राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली थी. इतना ही नहीं, सोमवार को पीएम मोदी गुजरात के बनासकांठा की जनसभा में मोरबी हादसे का जिक्र कर भावुक भी हो गए.
गुजरात के मोरबी में ब्रिज हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मौके पर पहुंच सकते हैं. पीएम के संभावित दौरे को लेकर प्रशासन भी एक्टिव हो गया है. इस बीच, कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बाद विपक्षी दल खासतौर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सरकार को निशाने पर ले लिया है. कांग्रेस ने इसे इवेंटबाजी कहा है तो आप ने फोटोशूट की तैयारियां बताकर तंज कसा है. मोरबी में AAP के प्रत्याशी पंकज भाई राणसरिया ने अस्पताल में पहुंच कर काम को बंद करवाया है.
बता दें कि रविवार की शाम गुजरात के मोरबी में केबिल ब्रिज टूट जाने से बड़ा हादसा हो गया था. घटना में 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे के बाद पीएम मोदी ने तत्काल गुजरात के सीएम से बात कर जानकारी ली थी और राहत-बचाव कार्य के बारे में निर्देश दिया था. इतना ही नहीं, सोमवार को पीएम मोदी गुजरात के बनासकांठा की जनसभा में मोरबी हादसे का जिक्र कर भावुक भी हो गए. बाद में देर शाम उन्होंने एक हाई लेवल मीटिंग की और राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेकर दिशा-निर्देश दिए. अब सूचना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मोरबी अस्पताल पहुंच सकते हैं और घायलों से मुलाकात कर सकते हैं. ऐसे में अस्पताल में तैयारियों की तस्वीरों पर विपक्ष ने निशाना साधा है.
AAP ने कहा-
कांग्रेस ने भी किया ट्वीट-
आप विधायक नरेश बालयान ने ट्वीट किया-

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









