
मुंबई में 85 लोग चाहते हैं हरीश राणा जैसी मौत! दर्द के साथ मुश्किल हुआ जीना
AajTak
मुंबई में अब तक 85 लोगों ने गंभीर बीमारी या हादसे की स्थिति में पैसिव यूथेनेशिया के लिए ‘लिविंग विल’ दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बीएमसी ने सभी वार्डों में कस्टोडियन नियुक्त किए हैं. हालांकि प्रक्रिया के डिजिटलीकरण का काम अभी अधूरा है और इसे जल्द पूरा करने की तैयारी चल रही है.
मुंबई में पैसिव यूथेनेशिया को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ती नजर आ रही है. अब तक शहर में 85 लोगों ने ‘लिविंग विल’ के लिए आवेदन किया है. यह संख्या बताती है कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में लोग अपने इलाज से जुड़े फैसलों को पहले से तय करना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 24 जनवरी 2023 को दिए गए अपने निर्देश में स्पष्ट किया था कि स्थानीय सरकारी संस्थाओं के लिए ‘एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव्स’ यानी एएमडी को स्वीकार करना, सुरक्षित रखना और प्रबंधन करना अनिवार्य होगा. एएमडी को ही आम भाषा में ‘लिविंग विल’ या ‘राइट टू डाई’ कहा जाता है.
लिविंग विल एक ऐसा लिखित दस्तावेज होता है, जिसे कोई व्यक्ति पहले से तैयार करता है. इसमें वह यह तय करता है कि भविष्य में यदि वह किसी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या बेहोशी की स्थिति में खुद निर्णय लेने की स्थिति में नहीं रहेगा, तो उसे किस प्रकार का इलाज दिया जाए या नहीं दिया जाए. साल 2023 में हाई कोर्ट के फैसले के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए कदम उठाए. बीएमसी ने अपने सभी 24 वार्डों में मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ को लिविंग विल का कस्टोडियन नियुक्त किया है. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों के आवेदन को सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें उपलब्ध कराएं.
मुंबई में ‘लिविंग विल’ को लेकर बढ़ी जागरूकता
लिविंग विल के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपने संबंधित वार्ड कार्यालय में नोटरीकृत आवेदन जमा करना होता है. अभी तक कुल 85 आवेदन वार्ड स्तर पर प्राप्त हो चुके हैं. यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे यह साफ है कि लोग इस अधिकार के प्रति जागरूक हो रहे हैं. राज्य सरकार इस प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऑनलाइन ऐप या पोर्टल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. इस पोर्टल के जरिए लोग आसानी से अपने एएमडी को पंजीकृत कर सकेंगे. यह पूरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
हालांकि इस दिशा में अभी काम अधूरा है. जानकारी के अनुसार, डिजिटलीकरण की प्रक्रिया आंशिक रूप से ही पूरी हो पाई है. अन्य राज्यों में अभी इस तरह की व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है. डॉ. निखिल दातार, जिन्होंने 2023 में देश में सबसे पहले अपनी लिविंग विल को नोटरी कराया था, उन्होंने कहा कि वे इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहे हैं. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कस्टोडियन नियुक्त कर दिए गए हैं, लेकिन डिजिटलीकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो लिविंग विल को जल्दी लागू करने के लिए डिजिटल सिस्टम जरूरी है.
85 लोगों ने पैसिव यूथेनेशिया के लिए जताई इच्छा

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.









