
PFI ही नहीं SIMI से लेकर SFJ तक... देश में ये 42 संगठन हैं बैन, देखें पूरी लिस्ट
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अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेन्शन एक्ट (UAPA) के तहत केंद्र सरकार किसी संगठन को 'गैरकानूनी' या 'आतंकवादी' घोषित कर सकती है. इसे ही आम बोलचाल की भाषा में 'प्रतिबंध' कहा जाता है. PFI से पहले 42 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया है यानी उन पर प्रतिबंध लगाया गया है. इनमें कई खालिस्तानी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे और अलकायदा जैसे संगठन शामिल हैं.
केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके 8 सहयोगी संगठनों को 5 साल के लिए बैन कर दिया है. गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर ये कार्रवाई अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेन्शन एक्ट (UAPA) के तहत की है. अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेन्शन एक्ट (UAPA) के तहत केंद्र सरकार किसी संगठन को 'गैरकानूनी' या 'आतंकवादी' घोषित कर सकती है. इसे ही आम बोलचाल की भाषा में 'प्रतिबंध' कहा जाता है. पीएफआई से पहले 42 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया है यानी उन पर प्रतिबंध लगाया गया है. इनमें कई खालिस्तानी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे और अलकायदा जैसे संगठन शामिल हैं.
गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस समय देश में 42 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया है यानी उन पर प्रतिबंध लगाया गया है. इनमें कई खालिस्तानी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे और अलकायदा जैसे संगठन शामिल हैं.
इन संगठनों पर लगा है बैन
1- बब्बर खालसा इंटरनेशनल 2- खालिस्तान कमांडो फोर्स 3- खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स 4- इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन 5- लश्कर-ए-तैयबा/पासबन-ए-अहले हदीस 6- जैश-ए-मोहम्मद / तहरीक-ए-फुरकान 7- हरकत-उल-मुजाहिदीन या हरकत-उल-अंसार या हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी या अंसार-उल-उम्मा (एयूयू) 8- हिज्ब-उल-मुजाहिदीन/हिज्ब-उल-मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट 9- अल-उमर-मुजाहिदीन 10- जम्मू और कश्मीर इस्लामिक फ्रंट 11- यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) 12- असम का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) 13- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) 14- यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) 15- पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपाक (PREPAK) 16- कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) 17- कंगलेई याओल कंबा लुप (केवाईकेएल) 18- मणिपुर पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट 19- ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स 20- नेशनल लिब्रेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 21- लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल एलम (LTTE) 22- स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) 23- दीदार अंजुमन 24- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) 25- माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) 26- अल बदर 27- जमियत अल मुजाहिद्दीन 28- अल कायदा-अल कायदा इन इंडियन सब कॉन्टीनेंट 29- दुख्तारन-ए-मिल्लत (DEM) 30- तमिलनाडु लिब्रेशन आर्मी (TNLA) 31- तमिल नेशनल रिट्रीवल ट्रूप्स (TNRT) 32- अखिल भारत नेपाली एकता समाज (ABNES) 33- संयुक्त राष्ट्र की Prevention and Suppression of Terrorism लिस्ट में शामिल संगठन 34- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) इसके सभी सहयोगी प्रमुख संगठन 35- इंडियन मुजाहिदीन, इसके सभी फॉर्मेशन और फ्रंट ऑर्गनाइजेशन 36- गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (GNLA), इसके सभी फॉर्मेशन और फ्रंट संगठन 37- कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन, इसके सभी फॉर्मेशन और फ्रंट ऑर्गनाइजेशन 38- इस्लामिक स्टेट/इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट/इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया/दाएश/इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रांत (ISKP)/ISIS विलायत खुरासान/इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द शाम-खुरासान (ISIS-K) और इसके सभी संगठन 39- नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) और इसके सभी संगठन 40- खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) 41- तहरीक उल मुजाहिद्दीन 42- जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश या जमात-उल-मुजाहिदीन भारत या जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान और इसके सभी घटक
किसी संगठन को 'आतंकी' कब घोषित किया जाता है?
UAPA की धारा 35 केंद्र सरकार को किसी संगठन को आतंकी संगठन घोषित करने का अधिकार देती है. लेकिन किसी संगठन को तभी आतंकी संगठन माना जाएगा, जब केंद्र को लगेगा कि वो आतंकी गतिविधि शामिल है. किसी संगठन को तभी आतंकी संगठन घोषित किया जाएगा जब वो-

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