
PFI के खिलाफ NIA का बड़ा एक्शन, UP-एमपी, बिहार समेत 17 ठिकानों पर एक साथ मारा छापा
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नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने एक बार फिर PFI के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. जांच एजेंसी ने पीएफआई के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है.
भारत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है. जांच एजेंसी ने पीएफआई के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है.
आरोप है कि PFI के कई ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) एक बार फिर देश विरोधी गतिविधियों में अपना कदम बढ़ा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पीएफआई पर प्रतिबंध लगने और इसके शीर्ष नेताओं के जेल जाने के बाद संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को दोबारा संगठित और मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है.
बता दें कि पिछले साल 2022 में केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बैन किया था. केंद्र ने संगठन पर 5 साल का बैन लगाया है. दरअसल, कई राज्यों ने PFI को प्रतिबंधित करने की मांग की थी.
केंद्र ने PFI के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), नेशनल वीमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन पर भी बैन लगाया गया था. इसके पहले भी NIA और तमाम राज्यों की पुलिस और एजेंसियों ने पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी कर सैकड़ों गिरफ्तारियां की थीं.
इससे पहले 2022 में 22 सितंबर और 27 सितंबर को NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने PFI पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. पहले राउंड की छापेमारी में PFI से जुड़े 106 लोग गिरफ्तार हुए थे. दूसरे राउंड की छापेमारी में PFI से जुड़े 247 लोग गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए थे. जांच एजेंसियों को PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे. इसके बाद जांच एजेंसियों ने गृह मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की थी. जांच एजेंसियों की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने PFI पर बैन लगाने का फैसला किया था.
15 राज्यों में एक्टिव है PFI

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