
News Menu 23 June: इमरजेंसी की वर्षगांठ पर बीजेपी का 'संविधान हत्या दिवस' प्रोग्राम, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
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बीजेपी 1975 के इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाएगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्यागराज स्टेडियम में संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम में स्पीच देंगे, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल होंगे.
गुड मॉर्निंग... 25 जून, 1975 को इमरजेंसी लागू होने के साथ ही भारत एक डार्क चैप्टर में प्रवेश किया. वह एक ऐसा दौर था, जिसने देश की लोकतांत्रिक दृढ़ता की परीक्षा ली. न्यूज मेन्यू में हम इसी तरह के पहलुओं पर बात करते हैं, क्योंकि वैश्विक संघर्ष, घरेलू उपलब्धियां और राजनीतिक विरासतें एक साथ आती हैं.
ट्रंप की कड़वी कॉफी: सीजफायर उल्लंघन पर इजरायल को ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल के प्रति निराशा व्यक्त करने के बाद ईरान और इजरायल ने युद्धविराम लागू किया. उन्होंने कहा कि वे उनके कार्यों से 'वास्तव में नाखुश' हैं. ट्रंप ने दोनों देशों पर अमेरिका-कतर द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उन्होंने इजरायल से बमबारी रोकने और 'अपने पायलटों को तुरंत घर वापस बुलाने' का आग्रह किया.
हालांकि, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने तेहरान पर 'तेज हमले' का आदेश दिया, यह दावा करते हुए कि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है. ईरान के टॉप सिक्योरिटी काउंसिल ने आरोप से इनकार किया और कहा कि उसके बल निर्णायक प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं.
रिपब्लिकन बडी कार्टर ने सीजफायर लागू करने में उनकी खास भूमिका के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप को नामित किया, जिसका श्रेय उन्हें आतंकवाद के प्रमुख प्रायोजक ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में दिया जाता है.
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सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






