
BHAVYA स्कीम, कृषि और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए ₹54,926 करोड़ मंजूर, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले
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केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 54,926 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी. ‘भव्य’ योजना से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जबकि किसानों, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए भी सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्योग, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों के लिए कुल 54,926 करोड़ रुपये के निवेश वाली चार प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी. केंद्रीय कैबिनेट ने 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) को मंजूरी दे दिया है और इसके लिए 33,660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
इस योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क डेवलप किए जाएंगे, जहां उद्योगों के लिए पहले से तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा. सरकार प्रति एकड़ अधिकतम एक करोड़ रुपये तक सहायता देगी. यह योजना 2026-27 से 2031-32 तक लागू रहेगी और इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना और जॉब क्रिएट करना है.
कपास किसानों के लिए ₹1,718 करोड़
किसानों के हित में भी बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए 1,718 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह निर्णय कपास किसानों को समर्थन देने के लिए लिया गया है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 तक चले सीजन में कपास की कीमतें एमएसपी से नीचे गिर गई थीं. सरकार ने भारतीय कपास निगम (Cotton Corporation of India) के जरिए कपास किसानों से एमएसपी पर उनके उत्पाद की खरीद की.
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अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस खरीद से 7.25 लाख किसानों को सीधा लाभ मिला. भारतीय कपास निगम ने किसानों से एमएसपी पर कुल 33 लाख गांठें कपास खरीदी. इसके जरिए किसानों को कुल 11,712 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई. कपास सीजन 2023-24 में भारतीय किसानों ने कुल 325 लाख गांठें कपास का उत्पादन किया था.

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