
National monetisation pipeline: रेल-सड़क-हवाई अड्डा, बेचेगी नहीं 'किराये' पर चढ़ाएगी सरकार, होगी 6 लाख करोड़ की कमाई
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National monetisation pipeline: केंद्र सरकार ने एसेट मोनेटाइजेन के लिए नीति आयोग को एक रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा दिया था. नीति आयोग ने बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले मंत्रालयों के साथ सलाहकर उन संपत्तियों की सूची तैयार की है जहां एसेट मोनेटाइजेशन की संभावना है. ये सेक्टर हैं. रेलव, सड़क परिवहन और हाईवे, जहाजरानी, टेलिकॉम, बिजली, नागरिक उड्डयन, पेट्रोलियम और नैचुरल गैस, युवा मामले और खेल.
सोमवार को जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन कार्यक्रम की शुरुआत की तो सबसे ज्यादा चर्चा हुई 6,00,000 करोड़ की उस रकम की हुई जिसे सरकार इस योजना के जरिए हासिल करने वाली है. आखिर नरेंद्र मोदी सरकार क्या करने वाली है जिससे कि सरकार को इतनी भारी भरकम रकम मिलने जा रही है. जैसा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दावा है कि इस प्रोग्राम से सरकार को 4 साल में यानी कि 2025 तक 6 लाख करोड़ रुपये की आमदनी होगी. The Asset Monetisation Pipeline is talking about brownfield assets that need to be better monetised. Ownership of the assets with the Government and there will be a mandatory hand back, they will have to give back after a certain time - Finance Minister @nsitharaman pic.twitter.com/dzIWHlS18h
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