
Ground Report: चंबल से अरावली तक खनन माफिया का आतंक! राजस्थान-MP में कानून बेबस, डर के साये में लोग
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राजस्थान और मध्य प्रदेश में रेत माफिया का आतंक खुलकर सामने आया है. आजतक की एक्सक्लूसिव जांच में खुलासा हुआ कि अवैध खनन खुलेआम जारी है. एक हफ्ते में दो मौतें हुई हैं, जिनमें एक वनकर्मी शामिल है. अफसरों पर हमले और पर्यावरण तबाही से लोग दहशत में हैं. पढ़ें खास ग्राउंड रिपोर्ट...
देश में अवैध रेत खनन का जिन्न एक बार फिर पूरी ताकत से बाहर आ चुका है. राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में रेत माफिया का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब न सिर्फ आम लोग, बल्कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं. आजतक की जांच में सामने आया है कि बीजेपी शासित दोनों राज्यों में रेत माफिया खुलेआम दिनदहाड़े अवैध खनन और परिवहन कर रहा है.
हालात इतने गंभीर हैं कि बीते एक हफ्ते में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक वनकर्मी ड्यूटी पर तैनात था. कई जिलों में अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं और स्थानीय लोग पर्यावरण तबाही को लेकर दहशत में जी रहे हैं.
राजस्थान के धौलपुर जिले से सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन रोकने गए वन रक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया. घटना 8 जनवरी की रात की है, जब वन विभाग की टीम चंबल वन्यजीव क्षेत्र में गश्त कर रही थी.
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ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने भागने के दौरान वनकर्मी को टक्कर मार दी. गंभीर हालत में उन्हें पहले करौली और फिर जयपुर रेफर किया गया, जहां पैर काटना पड़ा, लेकिन 10 जनवरी की रात उनकी मौत हो गई. वन विभाग के मुताबिक, आरोपी माफिया मौके से फरार हो गया था. बाद में पुलिस ने बजरी माफिया रामसेवक उर्फ चालू को गिरफ्तार किया. इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी से अवैध रास्तों को खोदकर बंद किया, लेकिन सवाल यही है कि क्या ये कार्रवाई स्थायी है?
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