
राणा बलाचौरिया मर्डर केस में शामिल मुख्य शूटर करण पाठक गिरफ्तार, दूसरा आरोपी अब भी फरार
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पंजाब पुलिस को कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बलाचौरिया मर्डर केस में बड़ी सफलता मिली है. इस कांड का मुख्य शूटर गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन दूसरा शूटर अभी तक फरार है. पढ़ें हत्या की साजिश, गैंगस्टर कनेक्शन और फरारी की पूरी कहानी.
Rana Balachauria Murder Case: पंजाब के चर्चित कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बलाचौरिया की हत्या ने खेल जगत के साथ-साथ पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी. इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड को पिछले साल 15 दिसंबर को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था. शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी. इस मर्डर केस की जांच पंजाब पुलिस कर रही थी, जिसमें अब अहम सफलता मिली है. पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अभी फरार है.
पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए एसएसपी मोहाली हरमनदीप हंस ने बताया कि पंजाब पुलिस ने इस हत्या के मुख्य शूटर करण पाठक को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले तरनदीप सिंह और सुखशेरपाल सिंह को भी दबोचा गया है. ये गिरफ्तारियां कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल के हावड़ा से की गईं. इससे पहले इस केस में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
दूसरा मुख्य शूटर अब भी फरार एसएसपी ने बताया कि करण पाठक इस हत्याकांड में मुख्य शूटर था और उसी के साथ आदित्य नाम का एक और शूटर भी शामिल था. करण पाठक पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन आदित्य अब भी फरार चल रहा है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. माना जा रहा है कि फरार आरोपी लगातार जगह बदल रहा है ताकि पुलिस से बच सके. इस वजह से जांच एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है.
बाइक से फरार हुए शूटर पुलिस जांच में सामने आया है कि तरनदीप सिंह की भूमिका बेहद अहम थी. वह वारदात के वक्त मौके पर बाइक लेकर मौजूद था. हत्या के तुरंत बाद उसने दोनों शूटरों करण पाठक और आदित्य को बाइक पर बैठाकर वहां से फरार कराया. इससे यह साफ होता है कि अपराध को अंजाम देने के बाद भागने की पूरी योजना पहले से तैयार थी. पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि फरारी में और कौन-कौन शामिल था.
पहले से की गई थी रैकी एसएसपी हरमनदीप हंस के मुताबिक सुखशेरपाल सिंह ने राणा बलाचौरिया की रैकी की थी. उसने उनकी दिनचर्या, आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां जुटाईं. इसी रैकी के आधार पर आरोपियों ने हत्या की सटीक योजना बनाई. यह भी सामने आया है कि आरोपी कई दिनों तक राणा की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. इससे साफ है कि हत्या पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से प्लान की गई थी.
अक्टूबर में रची गई थी साजिश पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस हत्या की साजिश अक्टूबर महीने में ही रच ली गई थी. हत्या से पहले आरोपी चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों के अलग-अलग होटलों में रुके. लगातार ठिकाने बदलकर उन्होंने खुद को छिपाए रखा ताकि किसी को शक न हो. सही मौके का इंतजार करने के बाद 15 दिसंबर को इस वारदात को अंजाम दिया गया. यह पूरी तैयारी गैंगस्टर नेटवर्क की ओर इशारा करती है.

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