
Narayanpur Encounter: एनकाउंटर में मारा गया 25 लाख का इनामी नक्सली रूपेश, पुलिस का दावा
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बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी ने मंगलवार को बताया कि मारे गए नक्सलियों में से एक दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का सदस्य रूपेश था, जो माओवादियों का सबसे मजबूत संगठन माना जाता है. रूपेश पर 25 लाख रुपये का इनाम था.
Narayanpur Rewarded Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सोमवार को मुठभेड़ में मारे गए तीन नक्सलियों में से दो की पहचान वरिष्ठ कैडर के रूप में की गई है, जिन पर कुल 41 लाख रुपये का इनाम था. इनमें 25 लाख का इनामी रूपेश भी शामिल था.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी ने मंगलवार को इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए नक्सलियों में से एक दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का सदस्य रूपेश था, जो माओवादियों का सबसे मजबूत संगठन माना जाता है. रूपेश पर 25 लाख रुपये का इनाम था.
आईजी सुंदरराज पी ने पीटीआई को बताया कि रूपेश इस साल राज्य में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया तीसरा डीकेएसजेडसी सदस्य है. पुलिस ने सोमवार को दावा किया था कि छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में एक महिला समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया गया है.
मारे गए तीनों नक्सलियों में से दो की पहचान रूपेश और जगदीश के रूप में हुई है, जबकि एक महिला कैडर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. आईजी ने आगे बताया कि रूपेश माओवादियों की कंपनी नंबर 10 का नेतृत्व कर रहा था और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में सक्रिय था. उन्होंने कहा कि उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था.
इससे पहले अप्रैल में नारायणपुर जिले में डीकेएसजेडसी का सदस्य जोगन्ना मारा गया था, जबकि इसी संगठन के एक अन्य सदस्य रणधेर की 3 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले में हत्या कर दी गई थी. डीकेएसजेडसी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अलावा पड़ोसी आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में माओवादी गतिविधियों का प्रभारी है.
पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश के बालाघाट का निवासी जगदीश एक डिवीजनल कमेटी का सदस्य था और उस पर 16 लाख रुपये का इनाम था. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल), एक इंसास राइफल, एक .12 बोर राइफल, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं हैं.

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