
'MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में साफ हो जाएगा I.N.D.I.A गठबंधन...', तेलंगाना में गरजे पीएम मोदी
AajTak
पीएम मोदी मोदी ने रविवार को तेलंगाना के तूपरान में एक जनसभा के दौरान कहा- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान, तीनों राज्यों में मतदान हो चुका है और मैंने तीनों राज्यों में देखा है कि I.N.D.I.A साफ हो जाएगी. वहां की महिलाएं, वहां के किसान, वहां के जवान कांग्रेस पार्टी को जड़ों से उखाड़ फेंकने वाले हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय गठबंधन का सफाया हो जाएगा. गौरतलब है कि इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं और अब काउंटिंग का इंतजार है. तेलंगाना के तूपरान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने उन तीन राज्यों में अपने चुनाव अभियान को याद किया जहां मतदान समाप्त हो गया था. पीएम मोदी ने कहा कि, "मैंने तीन राज्यों में देखा है कि 'इंडिया गठबंधन' का सफाया हो जाएगा. वहां की महिलाएं, किसान कांग्रेस पार्टी को उखाड़ फेंकने जा रही हैं."
केसीआर पर बोला हमला उन्होंने बीआरएस अध्यक्ष और सीएम के.चंद्रशेखर राव पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या तेलंगाना को ऐसे सीएम की जरूरत है जो लोगों से न मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हो या बीआरएस, उनकी पहचान भ्रष्टाचार, परिवारवाद और खराब कानून-व्यवस्था है और वे एक-दूसरे की कार्बन कॉपी हैं. उन्होंने कहा, "कांग्रेस, केसीआर एक समान, दोनों से रहो सावधान."
कांग्रेस ने किसान, जवान और नौजवान सबको लूटाः पीएम मोदी बता दें कि पीएम मोदी मोदी ने रविवार को तेलंगाना के तूपरान में एक जनसभा के दौरान कहा- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान, तीनों राज्यों में मतदान हो चुका है और मैंने तीनों राज्यों में देखा है कि I.N.D.I.A साफ हो जाएगी. वहां की महिलाएं, वहां के किसान, वहां के जवान कांग्रेस पार्टी को जड़ों से उखाड़ फेंकने वाले हैं. कांग्रेस ने किसान, जवान और नौजवान सबको लूटा है. कांग्रेस के राज में किसानों की कर्ज माफी के नाम पर घोटाले हुए. कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक के सबसे अधिक मामले देखने को मिले हैं. BRS भी ऐसे मामलों में कांग्रेस से पीछे नहीं रही है.
'किसान और गरीब गुस्से में हैं' पीएम ने जनसभा में दिए जा रहे अपने भाषण में केसीआर को घेरा और उनपर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, तेलंगाना के सीएम इसे अपनी जागीर मानते हैं. केसीआर को आखिर दूसरी सीट पर चुनाव लड़ने की जरूरत क्यों पड़ी. राहुल गांधी को अमेठी छोड़कर केरल भागना पड़ता था, केसीआर को भी भागना पड़ा है. इसका एक बड़ा कारण बीजेपी के उम्मीदवार राजेन्द्र , दूसरा कारण किसानों और गरीबों का गुस्सा है.
KCR ने केवल धोखा दियाः पीएम मोदी भगवान मल्लिकार्जुन के नाम पर सिंचाई की परियोजना बनाई, जिन किसानों ने घर खोया, जमीन खोई... उन किसानों को केसीआर ने अपने हाल पर ही छोड़ दिया. ऐसे पाप को न तो भगवान मल्लिकार्जुन माफ करेंगे न ही किसान माफ करेंगे. केसीआर धोखा देने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं. उन्होंने दलित मुख्यमंत्री बनाने के अपने वादे को धोखा दिया. उन्होंने दलित बंधु योजना के अपने वादे को धोखा दिया. युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के अपने वादे को धोखा दिया. किसानों और गरीबों को धोखा दिया. केसीआर ने योजनाओं का वादा किया था, लेकिन दिया तो सिर्फ घोटाला.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









