
Modi Govt Best Schemes: 75 साल के हुए PM... मुफ्त अनाज-इलाज से पेंशन तक, इन 10 योजनाओं से घर-घर पहुंचे मोदी
AajTak
PM Modi@75: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल के हो गए हैं. देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल से लेकर अब तक उनकी सरकार में कई ऐसी बड़ी योजनाएं शुरू की गईं, जिनके जरिए लोगों को मुफ्त अनाज, इलाज से लेकर फ्री बिजली तक मिल रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है. 17 सितंबर 1950 को जन्मे पीएम मोदी लगातार तीसरी बार देश के Prime Minister बने हैं. अब तक के उनके कार्यकाल में कई लाभकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनके जरिए लोगों को मुफ्त अनाज से लेकर 300 यूनिट फ्री बिजली तक मिल रही हैं और इन तमाम स्कीम्स के जरिए वे घर-घर पहुंचे हैं. उनके कार्यकाल की शुरुआत से अब तक लागू की गईं इन योजनाओं में अपने घर का सपना पूरा कराती प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर लोगों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त बिजली के लिए शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना तक शामिल हैं. आइए ऐसी ही मोदी सरकार की 10 बड़ी योजनाओं के बारे जानते हैं...
1- पीएम आवास योजना मोदी सरकार ने गरीबों के अपने घर का सपना पूरा करने के लिए 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान पीएम आवास योजना की शुरुआत की थी. आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 तक कुल 4.21 करोड़ घर बनाए जा चुके हैं. वहीं वित्त वर्ष 2015-16 से चल रही इस स्कीम का विस्तार 2029 तक किया गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3.06 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से अतिरिक्त 2 करोड़ ग्रामीण घरों के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
2- पीएम जनधन योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर व्यक्ति को बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से 28 अगस्त 2014 को पीएम जनधन योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत जीरो बैलेंस अकाउंट ओपन कराया जा सकता है. इसके साथ ही खाताधारक को ओवरड्राफ्ट सर्विस के जरिए 10,000 रुपये की निकासी के साथ ही रुपे डेबिट कार्ड, 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर समेत तमाम सुविधाएं भी मिलती हैं. साल 2024 में इस स्कीम को 10 साल पूरे हुए थे. वहीं इसके तहत खुले खातों की संख्या अगस्त 2025 तक 56.04 करोड़ हो चुकी है. इनमें 55.22 करोड़ खाते सक्रिय हैं. खास बात ये है कि कुल जनधन खातों में से करीब 55-56% (लगभग 31 करोड़ खाते) महिलाओं के नाम पर हैं.
3- अटल पेंशन योजना अटल पेंशन योजना (APY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए पेंशन पक्की करना है. इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के नागरिक अकाउंट खोल सकते हैं और नियमित रूप से योगदान देकर 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक पेंशन पा सकते हैं. अप्रैल 2025 तक, इस पेंशन स्कीम के तहत खोले गए खातों की संख्या 7.65 करोड़ से अधिक हो चुकी है.
4- पीएम उज्ज्वला योजना पीएम मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान ही 1 मई 2016 को गरीबों को चूल्हे के धुएं से राहत देने और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाते हुए पीएम उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई थी. इसके तहत बीपीएल परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन और सब्सिडी पर एलपीजी सिलेंडर मिलते हैं. बीते 1 मई 2025 को ही इस स्कीम ने 9 साल पूरे किए हैं. इस योजना के जरिए 1 मार्च 2025 तक पूरे भारत में 10.33 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









