
Microsoft आउटेज: Glitch पता चला, लेकिन कायम है 'ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ', एयरलाइंस, बैंक, स्टॉक सर्वर को ठीक होने में लगेगा वक्त!
AajTak
माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में खराबी आने से शुक्रवार को दुनिया भर के बड़े बड़े देशों की कई सर्विसेज लगभग बैठ गईं हैं. अमेरिका, ब्रिटेन, भारत, स्पेन, सिंगापुर, इजरायल, सिंगापुर,ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग समेत कई देशों में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में आई खराबी की वजह से लोग परेशान रहे.
शुक्रवार को क्राउडस्ट्राइक के एक गलत अपडेट की वजह से पूरी दुनिया में हडकंप मच गया. इस तकनीकी दिक्कत की वजह से भारत समेत दुनिया के कई देशों में हवाई सेवा बुरी तरह प्रभावित हो गईं. दुनिया भर में सैकड़ों फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी. इतना ही नहीं बैंक, हॉस्पिटल, शेयर बाजार, टीवी चैनल, कॉल सेंटर तक भी ठप रहे.
सिविल एविएशन एक्सपर्ट साइबर टेरर की आशंका भी जता रहे हैं हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट की ओर से ऐसी संभावना से इनकार किया जा रहा है. माइक्रोसॉफ्ट की टीम के साथ पूरी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर इस तकनीकी समस्या का समाधान तलाशने के लिए जुटे हैं.लेकिन फिलहाल ऐसा लग रहा है कि, पूरी तरह से सेवाओं को दुरुस्त होने में अभी और समय लगेगा.
सत्य नडेला का पोस्ट माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने पोस्ट करते हुए कहा, ' कल क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया जिसने वैश्विक स्तर पर आईटी सिस्टम को प्रभावित करना शुरू कर दिया. हम इस मुद्दे से वाकिफ हैं और ग्राहकों को उनके सिस्टम को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन वापस लाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए क्राउडस्ट्राइक और पूरी इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.'
क्या रही वैश्विक परेशानी की वजह यह समस्या एक तकनीकी समस्या की वजह से हुई जिसके बारे में वैश्विक साइबर सुरक्षा फ़र्म क्राउडस्ट्राइक ने कहा कि उसने अपने सॉफ़्टवेयर में पहचान की है और इसे हल करने के लिए काम कर रही है. दरअसल क्राउडस्ट्राइक Microsoft को उसके Windows डिवाइस के लिए एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर प्रदान करता है. CBS न्यूज़ को दिए गए एक बयान में Microsoft ने कहा, "क्राउडस्ट्राइक अपडेट की वजह से वैश्विक स्तर पर कई IT सिस्टम बंद हो गए."
एक बयान में, क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज़ ने कहा कि समस्या की पहचान कर ली गई है और समाधान खोजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि "यह कोई सुरक्षा से संबंधित घटना या साइबर हमला नहीं है. समस्या की पहचान कर ली गई है, उसे अलग कर दिया गया है और उसका समाधान कर दिया गया है."
ये भी पढ़ें: सर्वर ठप होने से थम गईं कंप्यूटर्स की सांसें, जानें- चीन और रूस इससे कैसे बच गए

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









