
MCD उपचुनाव में AAP का गेम बिगाड़ने वाले शोएब इकबाल के बेटे की क्या अब छिन जाएगी विधायकी?
AajTak
दिल्ली एमसीडी उपचुनाव में चांदनी महल की सीट आम आदमी पार्टी इसीलिए हार गई है, क्योंकि शोएब इकबाल और उनके बेटे आले मोहम्मद इकबाल बागी हो गए थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ सिर्फ अपना प्रत्याशी उतारा ही नहीं बल्कि जिताया भी. ऐसे में अब पार्टी आले मोहम्मद इकबाल के खिलाफ एक्शन ले सकती है?
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव में आम आदमी पार्टी भले ही तीन सीटें जीतकर अपनी संख्या को बरकरार रखा हो, लेकिन पुरानी दिल्ली के चांदनी महल सीट पर पार्टी का सियासी गेम पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने बिगाड़ दिया है. इसके चलते आम आदमी पार्टी को चांदनी महल सीट को गंवाना पड़ गया है.
एमसीडी उपचुनाव में सबसे ज्यादा निगाहें सीएम रेखा गुप्ता की शालीमार बाग और AAP विधायक आले मोहम्मद इकबाल की चांदनी महल सीट पर लगी हुई थी. रेखा गुप्ता ने अपनी सीट बचा लिया है, लेकिन आले मोहम्मद इकबाल के बगावती तेवर के चलते AAP को चांदनी महल सीट को गंवाना पड़ गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि चांदनी महल सीट पर आम आदमी पार्टी को हराने वाले आले इकबाल की विधायकी क्या छिन जाएगी?
आले मोहम्मद इकबाल भी हुए बागी मटिया महल विधानसभा सीट से AAP के विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने अपने पिता शोएब इकबाल के साथ मिलकर चांदनी महल वार्ड में AAP के उम्मीदवार मुदस्सिर कुरैशी को हराने का काम किया है. एमसीपी उपचुनाव में पार्टी ने मुदस्सिर को प्रत्याशी बनाया तो शोएब इकबाल ने AAP से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इमरान खान को अपना समर्थन दिया. शोएब इकबाल के साथ विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने इमरान खान को जिताने के लिए खुलकर प्रचार किया.
शोएब इकबाल और आले मोहम्मद इकबाल के समर्थन के चलते चांदनी महल लीट पर मोहम्मद इमरान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के मुदस्सर उस्मान को 4692 वोटों से हराया है. इमरान को 11814 वोट मिले तो मुदस्सर उस्मान को 7122 वोट मिले हैं. यह एमसीडी सीट विधायक आले इकबाल मोहम्मद के इस्तीफे से खाली हुई थी. ऐसे में आम आदमी पार्टी की चांदनी महल सीट पर हार में सबसे अहम रोल शोएब इकबाल के साथ आले मोहम्मद इकबाल का भी रहा.
आले मोहम्मद इकबाल ने इमरान की जीत पर खुशी जाहिर करके कहा कि हमारा काम ही हमारी पहचान. यह जीत मेरे इलाके के शेरों की है. साजिश करने वाले हार गए. हक की जीत हुई, बातिल की हार हुई, जो काम करने वाले थे, वही जीतकर आए. उन्होंने कहा कि शोएब इकबाल की मोहब्बत को सलाम- अहंकारी, पैसे वाले, शोहरत वाले, ताकतवर सबके मुंह काले हो गए. इस तरह से उन्होंने साफ कर दिया है कि वो अपने पिता के साथ खड़े हैं.
केजरीवाल पर शोएब इकबाल हमलावर शोएब इकबाल ने AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और गोपाल राय को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि सबको यहां मेरे पीछे छोड़ दिया था, लेकिन शेर किसी से डरता नहीं है. शोएब ने कहा कि खुद अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए थे, लेकिन मेरा बेटा चांदनी महल से जीत गया था. शोएब ने कहा कि तभी से केजरीवाल मुझसे खुन्नस खाते थे. हमने केजरीवाल का घमंड तोड़ दिया है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.








