
Mann Ki Baat में पीएम ने किया आर्थिक स्वच्छता का जिक्र, गरीबों को मिलेगी मदद
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के जरिए देश को संबोधित किया. ये 81वां एपिसोड था. आज 'वर्ल्ड रिवर डे' भी है, इसलिए पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में नदियों के महत्व के बारे में बताया. पीएम मोदी ने कहा, 'नदी हमारे लिए भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि जीवंत इकाई है. पीएम मोदी ने 'आर्थिक स्वच्छता' का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'ये बात सही है आर्थिक स्वच्छता में टेक्नोलॉजी बहुत मदद कर सकती है. हमारे लिए ख़ुशी की बात है आज गांव-देहात में भी यूपीआई से डिजिटल लेन-देन बढ़ रहा है.' उन्होंने बताया कि एक महीने में यूपीआई से 355 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए हैं. उन्होंने बताया, 'आज औसतन 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का डिजिटल पेमेंट यूपीआई से हो रहा है. इससे देश की अर्थव्यवस्था में स्वच्छता, पारदर्शिता आ रही है.' देखें ये वीडियो.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









