
Mahashivratri 2022: देश में कहां-कहां हैं भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग? जीवन में एक बार जरूर कर आएं दर्शन
AajTak
Mahashivratri 2022: ऐसा कहा जाता है कि जो इंसान जीवन में एक बार इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लेता है, उसके सात जन्मों के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि भगवान शिव के ये 12 ज्योतिर्लिंग देश में कहां स्थित हैं.
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित हैं. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इन 12 स्थानों पर भगवान शिव स्वयं विराजमान हैं. ऐसा कहा जाता है कि जो इंसान जीवन में एक बार इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लेता है, उसके सात जन्मों के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि भगवान शिव के ये 12 ज्योतिर्लिंग देश में कहां-कहां मौजूद हैं.
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में स्थित है. ये देश का दूसरा प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है. इस ज्योतिर्लिंग की कहानी इस प्रकार है- प्राचीन काल में बताया जाता है कि एक बार माता पार्वती और भगवान शिव भी दुविधा में फस गए थे. दोनों इस बात का निर्णय ही नहीं कर पा रहें थे कि पहले शादी गणेश की हो या कार्तिकेय की? फिर दोनों ने मिलकर एक प्रतियोगिता आयोजित की. प्रतियोगिता के अनुसार, गणेश और कार्तिकेय में से जो भी सबसे जल्दी संपूर्ण धरती का चक्कर लगाएगा उसकी शादी पहले की जाएगी.
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग- सोमनाथ भारत का सबसे प्रसिद्ध और बड़ा ज्योतिर्लिंग है. गुजरात स्थित सोमनाथ भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है. ये ज्योतिर्लिंग सिर्फ पवित्र ही नहीं, बल्कि बहुत मूल्यवान भी है. इस ज्योतिर्लिंग को 16 बार तोड़ा गया है और फिर बनाया गया है. सोमनाथ की कहानी काफी रोचक है. ऐसा कहा जाता है चंद्र ने राजा दक्ष की सभी 27 बेटियों के साथ विवाह किया था. लेकिन प्रेम वे सिर्फ रोहिणी से ही करते थे. इसके चलते दक्ष की बाकी बेटियां हमेशा मायूस और उदास रहती थीं.

इलेक्ट्रिक कारों को लेकर लोगों को हमेशा एक डर सताता है कि क्या हो अगर रास्ते में बैटरी खत्म हो जाए. कई बार इन गाड़ियों को चलाते हुए लगता है कि क्या होता अगर एक पावर बैकअप साथ होता. ऐसा ही एक पावर बैकअप रेंज एक्सटेंडर ईवी में मिलता है. ये टेक्नोलॉजी लोगों को ईवी पर स्विच करने में मदद कर सकती है, लेकिन ये हाइब्रिड से काफी अलग है.

Chaitra Navratri 2026 Durga Ashtami: चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी बहुत ही महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है. इस दिन छोटी कन्याओं का पूजन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आज कन्या पूजन के लिए 3 मुहूर्त प्राप्त होंगे. जिसमें पहला मुहूर्त आज सुबह 6 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और समाप्त 7 बजकर 48 मिनट पर होगा.











