
Loksabha Election 2024: कोई तल रहा समोसा तो कोई बीन रहा महुआ... वोटरों को लुभाने के लिए नेता कर रहे अजब-गजब काम
AajTak
लोकसभा चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशी जोर शोर से प्रचार में जुटे हैं. इसके लिए वह तरह-तरह से वोटरों को लुभाने की कोशिश भी कर रहे हैं. कोई आदिवासियों के साथ महुआ का फूल बीन रहा है, कोई खेत में जाकर गेहूं काट रहा है. यहां तक कि लोग समोसा और चाउमिन तक बनाकर लोगों को खिलाते देख रहे हैं. वहीं एक ऐसा भी प्रत्याशी है जो लोगों के घर जाकर पशुओं का चारा काटने में उनकी मदद कर रह है.
लोकसभा चुनाव 2024 कई मायने में अन्य आम चुनावों से भिन्न दिख रहा है. यहां बड़े दिग्गज वोटरों की सहानुभूति हासिल करने के लिए और उनके मत को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे. कोई मतदाताओं के साथ एक भावनात्मक तार जोड़ने की जुगत में है. इसके लिए उनके बीच जाकर कोई उनके काम में हाथ बंटा रहा है, तो कोई उन्हीं की तरह बनकर उनका काम करके दिखा रहा है.
राहुल गांधी अदिवासी महिलाओं के साथ बीनते दिखे महुआ के फूल अपने तरीके से लोगों के बीच जाकर उनसे संवाद स्थापित करने के अलग-अलग काम करने में सबसे आगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी हैं. हेलिकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी आ जाने के बाद राहुल ने अभी शहडोल में रात गुजारी थी. वहां वह सामान्य से ढाबे पर गए और डिनर किया. फिर सुबह में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी का काफिला उमरिया की ओर जा रहा था, तो रास्ते में आदिवासी महिलाओं को महुआ फूल बीनते देख रुक गए. इसके बाद उन्होंने भी महुआ फूल बीनकर जमा किया और महिलाओं को दे दिया.
बीजेपी प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी ने ठेले पर बनाया चाउमीन इस आम चुनाव वोटरों के बीच जाकर उनसे इमोशनल रिश्ता बनाने की कोशिश में सिर्फ राहुल गांधी ही अकेले नहीं हैं. बिहार से बीजेपी के कद्दावर नेता और सारण लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी भी लोगों के बीच जाकर उनकी तरह उनके काम में हाथ बंटाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. राजीव प्रताप रूडी अभी कुछ दिनों पहले चुनाव प्रचार के दौरान गांव के एक ठेले पहुंचे और वहां चाउमीन बनाकर लोगों को खिलाया. ऐसा करते उन्होंने अपना वीडियो भी बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.
माधवराव सिंधिया के बेटे तलते दिखे समोसा इधर, मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता माधवराव सिंधिया के चुनाव प्रचार में उनके बेटे महाआर्यमन सिंधिया समोसे तलते और भजन गाते दिखे. इन दिनों वह अपने पिता के लिए क्षेत्र में जाकर खूब प्रचार कर रहे हैं और आम लोगों के बीच जाकर उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों में शामिल होकर उनके जैसा दिखने का प्रयास कर रहे हैं. इस आम चुनाव में अपने पिता के लिए महाआर्यमन भी लोगों का दिल जीतने के लिए काफी कोशिश कर रहे हैं.
ओमप्रकाश राजभर ने खेतों में जाकर काटी गेहूं की फसल सुर्खियों में रहने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर का अभी दो दिन पहले ही गेहूं की फसल काटते वीडियो सामने आया था. अभी गेहूं की फसल कटाई का समय है. ग्रामीण क्षेत्र में किसान महिला पुरुष एकजुट होकर खेतों में गेहूं की फसल कटाई कर रहे हैं. ऐसे में राजभर खेतों पर वोट मांगने के लिए पहुंचे और उनके साथ खेतों में सहानुभूति लेने के लिए मदद के तौर पर गेहूं की फसल काटने लगे.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









