
Laylatul Qadr 2026: क्यों खास है रमज़ान की ये पाक रातें, जानिए तारीख़ें और अहम बातें
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Laylatul Qadr 2026: लैलतुल क़द्र या शबे क़द्र रमज़ान की सबसे पाक रात मानी जाती है. माना जाता है कि इसी रात क़ुरआन नाज़िल हुई थी. इस रात की इबादत हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है. इसलिए मुसलमान इस रात नमाज़, तिलावत और दुआ में वक्त बिताते हैं.
Laylatul Qadr 2026: रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए बेहद खास होता है. इसी महीने के आख़िरी दस दिनों में एक बहुत अहम और पाक रात आती है, जिसे इस्लाम में लैलतुल क़द्र और शबे क़द्र कहा जाता है. लैलतुल क़द्र का मतलब है “नाइट ऑफ पावर” यानी ताक़त और बरकत की रात. माना जाता है कि इस रात की इबादत का सवाब इतना बड़ा होता है कि यह हज़ार महीनों की इबादत से भी बेहतर मानी जाती है. मुसलमान इस रात ज्यादा से ज्यादा नमाज़ पढ़ने, क़ुरआन की तिलावत करने और दुआ करने की कोशिश करते हैं.
लैलतुल क़द्र क्या है?
इस्लामी मान्यता के मुताबिक, लैलतुल क़द्र वही रात है जब पहली बार पवित्र क़ुरआन पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर नाज़िल हुई थी. क़ुरआन की सूरह अल-क़द्र में इस रात का ज़िक्र मिलता है. इसमें बताया गया है कि यह रात हज़ार महीनों से बेहतर है. यही वजह है कि मुसलमान इस रात को इबादत, तिलावत और अल्लाह से माफी मांगने में बिताने की कोशिश करते हैं.
2026 में लैलतुल क़द्र कब हो सकती है?
इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए लैलतुल क़द्र की सही तारीख पहले से तय नहीं होती. आमतौर पर माना जाता है कि यह रमज़ान के आख़िरी दस दिनों की विषम (ऑड) रातों में होती है. 2026 में रमज़ान का महीना चांद दिखने के आधार पर 17 फरवरी 2026 की शाम से शुरू हुआ, ऐसे में लैलतुल क़द्र इस बार 8 मार्च से शुरू हुई और यह 18 मार्च 2026 के बीच रहेगी. लैलतुल क़द्र के दौरान 27वीं रमज़ान की रात सबसे खास होती है. इसे ही शबे कद्र कहा जाता है. 2026 में यह 15 मार्च की शाम को पड़ने की उम्मीद है.
हदीस के मुताबिक कैसी होती है ये रात ?

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