
Lakhimpur Case: आशीष मिश्रा पर लगे आरोपों के विरोध में समर्थकों ने की नारेबाजी, देखें क्या कहा
AajTak
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को शुक्रवार को ही क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के लिए पेश होना था लेकिन वो नहीं आये. आज आशीष तय समय से 20 मिनट पहले ही क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए. उत्तर प्रदेश के केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष पर आरोप है कि लखीमपुर खीरी में उन्होंने कई किसानों को अपनी कार से कुचलकर मार डाला. आज क्राइम ब्रांच के दफ्तर में आशीष की पेशी के दौरान भारी सुरक्षा इंतजाम देखा गया. उधर बीजेपी दफ्तर पर आशीष के समर्थक एकत्रित हुए और उन्होंने अपने नेता के बचाव में नारेबाजी की. देखें पूरी रिपोर्ट.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है. कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नबीन आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पेश करेंगे. इस मौके पर उनके बचपन के दोस्त नीरज कुमार सिन्हा ने अपनी बात साझा की है. उन्होंने बताया कि नितिन नबीन का बचपन से ही विनम्र स्वभाव रहा है और वह सभी दोस्तों को एक साथ लेकर चलते थे. उनका घर और हमारा घर अगल-बगल था और बचपन में हम लोग साथ में क्रिकेट खेलते थे. सुनिए.

2002 का वह दिन था. पश्चिम एशिया के सात देशों के सात राजदूत दिल्ली में संघ के मुख्यालय 'केशव कुंज' में केएस सुदर्शन के साथ वार्त्तालाप करने के लिए उपस्थित थे. सभी राजदूत संघ प्रमुख केएस सुदर्शन की बातें सुनने के लिए दो घंटे तक जमीन पर बैठे रहे. इस चर्चा में के एस सुदर्शन ने भारत की हजारों वर्षों की समावेशी परंपरा से मुस्लिम देशों के राजदूतों को अवगत कराया. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

पुणे शहर में एक गंभीर सड़क हादसा उस समय हुआ जब एक नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए अपना संतुलन खो दिया. दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वाहन सीधे सड़क किनारे लगे दुकानों से टकराता दिख रहा है. जोरदार टक्कर की वजह से दुकानों के शटर, सामान और ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है.

रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.









