
Khargone Violence: दंगे में दोनों तरफ के लोग शामिल, फिर ऐक्शन एकतरफा क्यों? घेरे में एमपी सरकार
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मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा में एक पक्ष का घर अगर उपद्रवी पत्थरबाजों का निशाना बना है, तो फिर उसी खरगोन में दूसरे पक्ष की दुकान और बस भी जलाई गई है. सवाल ये है कि फिर कार्रवाई किस पर होगी ? सिर्फ एक तरफ के लोगों पर या दोनों तरफ के उपद्रवी, दंगा भड़काने और माहौल बिगाड़ने वालों पर ? खरगोन में रामनवमी पर बिगड़े माहौल के 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने बुलडोजर चलाना शुरु कर दिया. आरोप लगा कि एक ही पक्ष के आरोपियों को सीधे दोषी मानकर बुलडोजर चलाया जाने लगा. 10 अप्रैल के के वीडियो में ये साफ दिख रहा है कि पत्थर दोनों पक्ष की तरफ से चल रहे हैं. लेकिन कार्रवाई किस पर होगी ये कैसे तय होगा ?

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










