
Kalicharan की गिरफ्तारी पर Narottam Mishra ने उठाए सवाल, देखें क्या कहा
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महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी के बाद अब इसपर राजनीति शुरू हो गई है. छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल उठाए हैं. दरअसल, कालीचरण को एमपी के खजुराहो से गिरफ्तार किया गया था. बिना एमपी पुलिस को इसकी सूचना दिए कार्रवाई को नरोत्तम मिश्रा ने संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है. देखें और क्या बोले नरोत्तम मिश्रा

देश में लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव समय समय पर होते रहते हैं. सरकारें आती है और जाती हैं. पर देश के करीब हर शहर में कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो शाश्वत हैं. जो कोई भी सरकार आए या जाए यथावत बनी रहती हैं. क्या इस बार बीएमसी से ये उम्मीद की जानी चाहिए कि मुंबई की इन समस्याओं से आम लोगों को निजात मिलेगी?

देश आज मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मना रहा है. ये त्योहार न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं बल्कि इनका समाज और राजनीति पर भी गहरा प्रभाव है. इस वीडियो में हम बात करते हैं कि क्या 2026 की चुनावी क्रांति मकर संक्रांति से शुरू हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोंगल मनाने केंद्रीय मंत्री एल मुुरुगन के घर पहुंचे और तमिलनाडु के इस त्योहार को ग्लोबल फेस्टिवल बताया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पतंगबाजी की तस्वीरें भी चर्चा में हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लोगों की आवाज दबाने के आरोपों के जवाब में बीजेपी ने पलटवार किया है.

आज का दंगल पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर हो रही सियासत पर है. 8 जनवरी को ईडी ने कोलकाता में आईपैक प्रमुख के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी. ईडी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने छापे में बरामद सारे दस्तावेज ये कहकर छीन लिये थे कि ये उनकी पार्टी के सीक्रेट्स हैं. ईडी ने कोर्ट में भी यही अर्जी दी कि ममता ने जांच से जुड़े सबूत छीन लिए. उनकी सीबीआई जांचं की जाए. ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से किसी तीसरे शख्स ने खुद को अधिकृत बताते हुए अर्जी दी की कि ईडी ने जो जब्ती की है उसमें टीएमसी के सीक्रेट्स हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए.

अमृतसर में एक बार फिर 10 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है. ई-मेल में राष्ट्रीय गान को लेकर भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसएसपी देहाती सुहैल मीर के अनुसार स्कूलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर पहलू से जांच जारी है.

पुलिस ने इमामों और धार्मिक संस्थानों से निजी और आर्थिक जानकारी मांगी है जिसे धार्मिक आजादी और सुरक्षा नीति के संदर्भ में विवादित माना जा रहा है. राजनीतिक नेताओं ने इसे मुसलमानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सामूहिक संदेह की नीति बताया है. ये मामला घाटी में धार्मिक आजादी, भरोसे और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.








