
JNU Violence: जेएनयू में 4 घंटे चली हिंसक झड़प की कहानी, पीड़ित छात्र-छात्राओं की जुबानी
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JNU violence: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रामनवमी के मौके पर करीब चार घंटे तक झड़प हुई. ABVP और लेफ्ट पार्टियों से जुड़े करीब 60 छात्र जख्मी बताए जा रहे हैं.
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU violence) का कावेरी हॉस्टल रविवार देर शाम छात्रों के चीखने-चिल्लाने की आवाजों से गूंज उठा. वहां रामनवमी के मौके पर कथित रूप से नॉन वेज को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद ABVP और लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई. करीब 4 घंटे तक JNU में हंगामा हुआ.
हिंसक झड़प के पीछे कौन था? इसको लेकर अलग-अलग दावे हैं. जेएनयू स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य एक दूसरे पर पत्थरबाजी और मारपीट का आरोप लगा रहे हैं. बता दें कि JNU छात्रसंघ पर लेफ्ट विंग संगठनों का कब्जा है.
मारपीट में कुल 60 छात्र जख्मी
पुलिस का कहना है कि हिंसा में कुल छह लोग घायल हुए हैं. वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि दोनों गुटों के करीब 60 छात्र जख्मी हुए हैं. लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठनों का कहना है कि उनके करीब 50 सदस्य घायल हैं. वहीं ABVP का आरोप है कि उनके 10-12 सदस्यों को पीटा गया है.
लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्र बोले- गमले फेंककर मारे
छात्रों का आरोप है कि ABVP सदस्यों ने कावेरी हॉस्टल की मेस कमेटी को कहा था कि रामनवमी की वजह से रविवार को मेस के रात के खाने में नॉन-वेज ना बनाया जाए. लेकिन मेस प्रशासन इसके लिए राजी नहीं हुआ क्योंकि वीकेंड पर वहां नॉन वेज पहले से बनता ही था.

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