
JK: गुलाम नबी आजाद की जम्मू में जनसभा आज, नई पार्टी का कर सकते हैं ऐलान
AajTak
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद आज जम्मू में जनसभा करेंगे. रविवार को दिल्ली से पहुंचने के बाद उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और उनके साथ सैनिक कॉलोनी में जनसभा स्थल तक जुलूस भी निकाला जाएगा. आजाद आज अपनी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं. गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने के बाद इस्तीफों की झड़ी लग गई थी.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने हाल ही में कांग्रेस से अपना 5 दशक पुराना नाता तोड़ लिया था. गुलाम नबी आजाद रविवार (आज) को जम्मू से अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करने जा रहे हैं. लिहाजा पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद 4 सिंतबर को सैनिक कॉलोनी में जनसभा करेंगे. जम्मू में होने वाली इस रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जनसभा स्थल पर 20,000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. दरअसल आज होने वाली इस रैली को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आजाद आज अपनी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं.
एजेंसी के मुताबिक पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने कहा कि आजाद के रविवार सुबह दिल्ली से पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और उनके साथ सैनिक कॉलोनी में जनसभा स्थल तक एक जुलूस भी निकाला जाएगा. सरूरी उन दो दर्जन से ज्यादा विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने आजाद के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था.
73 साल के गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. आजाद ने इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर हमला बोला था. आजाद के इस्तीफे के बाद एक पूर्व उपमुख्यमंत्री, 8 पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, 9 विधायकों के अलावा बड़ी संख्या में पंचायती राज संस्थान के सदस्यों, जम्मू-कश्मीर के नगर निगम पार्षद और जमीनी स्तर के कई कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.
पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सभी लोग जनसभा में मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले आजाद के 3,000 से अधिक समर्थकों ने जनसभा में उनका दामन थामने की इच्छा जाहिर की है. सरूरी ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी उनके संपर्क में हैं और हम आने वाले समय में आजाद के समर्थन में भारी समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं.
ये भी देखें

बेंगलुरु के देवनहल्ली इलाके में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन कॉलेज छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई. तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर के दूसरे तरफ पहुंच गई और सामने से आ रहे तेज रफ्तार लॉरी ने तीनों को कुचल दिया. पुलिस ने बाइक सवार युवक और लॉरी चालक दोनों को एफआईआर में नामजद किया है. मामले की जांच जारी है.

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड की पात्रता सीमा बढ़ाकर वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये कर दी है, जिससे लंबे समय से खाद्य सुरक्षा से वंचित गरीब परिवारों को राहत मिलेगी. नए नियमों के तहत आय प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा, सेल्फ वेरिफिकेशन खत्म किया गया है और संपत्ति, आयकर, सरकारी नौकरी, चार पहिया वाहन व अधिक बिजली खपत वालों को योजना से बाहर रखा गया है.

मुंबई बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद सियासी सरगर्मी तेज है. शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में एकजुट किया है, जिसे मेयर पद की दावेदारी और संभावित हॉर्स ट्रेडिंग रोकने की रणनीति से जोड़ा जा रहा है. हालांकि कॉरपोरेटर अमय घोले का कहना है कि पार्षदों को अगले पांच साल की कार्ययोजना और आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाया गया है.

शिवसेना के नए चुने गए सभी 29 कॉर्पोरेटर मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में एकत्रित हैं. यहाँ पर शिवसेना ने बीएमसी में ढाई साल मेयर बनाए जाने की मांग उठाई है. पार्टी चाहती है कि बीजेपी और शिवसेना, दोनों के कॉर्पोरेटर मेयर पद पर बारी-बारी से ढाई-ढाई साल तक कार्य करें. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के मेयर बनने की इच्छा जताई है.

डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में इंडिगो फ्लाइट संकट के लिए एयरलाइन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही निर्देशों के पालन और दीर्घकालिक सिस्टम सुधार सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया गया है.

काशी के मणिकर्णिका घाट में विकास कार्य को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. बुलडोजर से घाट पर एक मणि तोड़े जाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय लोग और तीर्थ पुरोहित विरोध कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में विकास कार्यों का निरीक्षण किया और सियासत करने वालों पर पलटवार किया. विपक्ष इसे आस्था से खिलवाड़ बता रहा है जबकि सरकार इसे काशी के इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के लिए जरूरी बता रही हैं.







