
J&K: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, घाटी में जल्द अपने घर लौट सकेंगे विस्थापित कश्मीरी पंडित
AajTak
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म द कश्मीरी फाइल्स के बाद कश्मीरी विस्थापित पंडितों का मुद्दा जोर पकड़ गया है. वहीं आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के लौटने के संकल्प को पूरा करने का समय आ गया है. जल्द ही कश्मीरी पंडित घरों को लौट सकेंगे.
Mohan Bhagwat on Kashmiri Pandits: बीते कुछ समय से कश्मीरी पंडितों का मुद्दा चर्चा में है. वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने कहा कि कश्मीरी पंडित जल्द ही कश्मीर में अपने घरों के लिए लौट सकेंगे.
इतना ही नहीं, उन्होंने 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) फिल्म की भी प्रशंसा की. मोहन भागवत ने कहा कि इस फिल्म ने 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के पीछे की वास्तविकता को बताया है साथ ही जन जागरूकता पैदा की है.
एजेंसी के मुताबिक आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तीन दिवसीय नवरेह कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के लौटने के संकल्प को पूरा करने का समय आ गया है. मोहन भागवत ने कहा कि घाटी में लौटने की हमारी प्रतिज्ञा को पूरा करने में अब ज्यादा दिन नहीं लगेंगे. यह बहुत जल्द सच हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में प्रयास जारी रखना होगा. साथ ही कहा कि हमारा इतिहास और महान नेता हमारे मार्गदर्शक और प्रेरणा हैं.
2011 में हुए कार्यक्रम का जिक्र किया
एजेंसी के मुताबिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने साल 2011 में दिल्ली में कश्मीरी पंडितों के उत्सव 'हेराथ' (शिवरात्रि) में शामिल होने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने उस दिन प्रतिज्ञा की थी कि वे अपने वतन लौट आएंगे. उन्होंने कहा कि चुनौतियां हर किसी के जीवन में आती हैं. हम तीन-चार दशक पहले अपने ही देश में विस्थापित हुए थे. साथ ही कहा कि हम हार नहीं मानेंगे और अपने घरों को लौटकर अपनी प्रतिज्ञा को पूरा होते हुए देखेंगे.
यहूदियों का दिया उदाहरण

नागर विमानन मंत्रालय ने घरेलू हवाई किरायों पर लगाई गई अस्थायी सीमा (Fare Caps) को वापस लेने का फैसला किया है. पिछले साल इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस के संकट के बाद टिकटों की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह पाबंदी लगाई थी. हालांकि एयरलाइंस कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे जिम्मेदारी से किराए तय करें और यात्रियों के हितों का ध्यान रखें।

हिमाचल प्रदेश में आर्थिक दबाव के चलते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने समेत मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी का एक हिस्सा 6 महीने के लिए टालने का फैसला किया है. हालांकि, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों को पूरी सैलरी मिलेगी. वहीं सरकार ने मेडिकल स्टाफ, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं सहित कई वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी की है. विधायक योजनाओं की सीमा भी बढ़ाई गई है. सरकार का कहना है कि हालात सुधरने पर रोकी गई राशि वापस दी जाएगी.

झारखंड के लातेहार में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा बरवाटोली गांव के पास हुआ. घायलों को बालूमाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत नाजुक होने पर रिम्स रेफर किया गया. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.

मध्य-पूर्व में जारी जंग का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. तेल कीमतें 70 से बढ़कर 110 डॉलर पार पहुंचीं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगे हुए और महंगाई का दबाव बढ़ा. ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट ने सप्लाई प्रभावित की. इसका असर ट्रांसपोर्ट, रुपया, सरकारी खर्च और आम लोगों की बचत पर पड़ रहा है.

बादशाह ने विवादित 'टटीरी' गाने पर माफी मांगी, लेकिन पुलिस जांच जारी है. शिबास कबिराज ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई होगी. महिला आयोग ने भी नोटिस जारी किया है. गन कल्चर वाले गानों पर भी सख्ती की बात कही गई है. इसी बीच हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध और रंगदारी कॉल्स रोकने के लिए 'अभेद्य' ऐप लॉन्च किया.

लेबनान के युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए आज तक के वरिष्ठ पत्रकार अशरफ वानी ने बताया कि जंग सिर्फ गोलियों और धमाकों की नहीं, बल्कि डर, जिम्मेदारी और सच के बीच संतुलन की लड़ाई भी है. हर दिन मौत के साये में काम करते हुए उन्होंने तबाही, विस्थापन और इंसानी पीड़ा को करीब से देखा. ईद के दिन भी रिपोर्टिंग जारी रही. यह अनुभव सिर्फ कवरेज नहीं, बल्कि ऐसे सच का गवाह बनने की जिम्मेदारी थी- जहां हर पल जिंदगी और मौत के बीच फैसला लेना पड़ता है.







