
J-K: भारतीय हाइड्रोपावर प्लांट्स के डिजाइन पर पाकिस्तान ने जताई आपत्ति, भारत का कड़ा रुख
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दोनों देशों के बीच इस बैठक में सिंधु जल संधि के तहत कई मामलों पर चर्चा की गई. यह बैठक दो साल बाद आयोजित की गई है. इससे पहले ये बैठक साल 2018 में हुई थी. इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व भारत के सिंधु आयोग के आयुक्त यूके सक्सेना ने किया. उनके साथ केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण एंव राष्ट्रीय जल विद्युत उर्जा निगम के सलाहाकर भी मौजूद थे.
अनुच्छेद 370 में संशोधन के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ एक नए मसले पर आपत्ति जताई है. मंगलावर को भारत और पाकिस्तान के सिंधु आयोग के आयुक्तों की हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में पाकल दुल और लोउर कलनाई पनबिजली संयंत्रों के डिजाइन को लेकर आपत्ति जताई. हालांकि भारत ने इन परियोजनाओं के डिजाइन को जायज ठहराया है. अनुच्छेद 370 में फेरबदल के बाद पाकिस्तान ने इस परियोजना को लेकर अधिक जानकारी मांगी थी. दोनों देशों के बीच इस बैठक में सिंधु जल संधि के तहत कई मामलों पर चर्चा की गई. यह बैठक दो साल बाद आयोजित की गई है. इससे पहले ये बैठक साल 2018 में हुई थी. इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में भारत के सिंधु आयोग के आयुक्त यूके सक्सेना ने किया. उनके साथ केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय जल विद्युत ऊर्जा निगम के सलाहाकर भी मौजूद थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.











