
Israel vs Hamas-Lebanon war: गाजा में 40 हजार ठिकानों पर बमबारी, लेबनान में भी हर तरफ तबाही... एक साल की जंग में किसको-कितना नुकसान?
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इजरायल और हमास की जंग को एक साल पूरा हो गया है. इस एक साल की जंग में अब तक हर तरफ तबाही मची है. गाजा पट्टी से शुरू हुई ये जंग ईरान, लेबनान, सीरिया और यमन तक जा पहुंची है. ऐसे में जानते हैं कि एक साल की जंग में किसे-कितना नुकसान हुआ?
गाजा पट्टी के रास्ते इजरायल में घुसकर हमास के लड़ाकों का कत्लेआम मचाना, 12सौ लोगों की हत्या करना और करीब 250 लोगों को बंधक बनाने की घटना को एक साल हो गया है. ये सब पिछले साल 7 अक्टूबर को हुआ था. जवाब में इजरायल ने जंग का ऐलान कर दिया और कसम खाई की जब तक हमास का खात्मा नहीं होता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी.
इजरायल और हमास की इस जंग में अब तक 42 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इजरायल का दावा है कि इस जंग में उसने हमास के हजारों लड़ाकों को मार गिराया है. उसने गाजा में हमास के सुरंगों के नेटवर्क को खत्म करने का दावा भी किया है.
इस एक साल में जंग सिर्फ गाजा तक ही सीमित नहीं रही. बल्कि ईरान, लेबनान, यमन, इराक और सीरिया तक भी इसकी आग पहुंची. लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कई हफ्तों से इजरायली सेना का ऑपरेशन जारी है. ईरान और इजरायल के बीच भी तनाव चरम पर है. ईरान की तरफ से इस साल दो बार इजरायल पर मिसाइलों से हमला किया गया है.
इस एक साल में इजरायल की तरफ से कितने हमले किए गए? इजरायल पर कितने हमले हुए? इस जंग में कितनी मौतें हुईं? जानते हैं...
गाजा में 40 हजार ठिकानों पर हुई बमबारी
इजरायली सेना ने बताया कि एक साल में गाजा पट्टी में हमास के 40 हजार से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की गई. वहीं, हमास की 4,700 सुरंगों और 1,000 रॉकेट लॉन्चर साइट को तबाह कर दिया गया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.











