
Israel Attack On Iran: अमेरिका संग जंग में कौन सी मिसाइलें दाग रहा ईरान, कहां तक पहुंच, ये रही पूरी लिस्ट
ABP News
Israel Attack On Iran: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान बेहद ही खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है. इसमें कई ऐसे वेपन है, जो एक झटके में दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकता है.
मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इजरायल और अमेरिका ने सबसे पहले ईरान को निशाना बनाते हुए कई ठिकानों पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने बदला लेते हुए इजरायल समेत कई और मुल्कों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिसमें उन्होंने खासतौर पर उन जगहों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिाकने मौजूद थे. इसमें कतर, दुबई, UAE और बहरीन शामिल है. ईरान ने हमले के दौरान कई ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया, जिन्होंने तबाही का मंजर पैदा कर दिया है. इस लिस्ट में कई तरह की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें शामिल थी और ड्रोन भी भरपूर इस्तेमाल किया है.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने पिछले करीब 30 साल में कई तरह की बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें विकसित की हैं. इन मिसाइलों की लंबाई अलग-अलग है, कुछ करीब 10–20 मीटर तक लंबी होती हैं. इनकी मारक क्षमता इन्हें पश्चिम एशिया और आसपास के कई देशों तक पहुंचा सकती हैं. ईरान के पास कौन सी मिसाइल मौजूद है?
ईरान के पास कई तरह की मिसाइलें हैं. अलग-अलग दूरी तक मार करने के लिए उसने छोटी, मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलें तैयार की हैं. इनकी रेंज 300 किलोमीटर से लेकर 2,500 किलोमीटर तक बताई जाती है. सबसे पहले छोटी दूरी की मिसाइलों की बात करें तो इनमें फतेह-110 शामिल है, जिसकी मारक दूरी करीब 300 किलोमीटर है. राद-500 और फतेह-313 लगभग 500 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं. ज़ुल्फिकार करीब 700 किलोमीटर तक पहुंच सकती है और क़ियम-1 लगभग 800 किलोमीटर तक. इन मिसाइलों का इस्तेमाल आमतौर पर आसपास के इलाकों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है. मध्यम दूरी की मिसाइलों में शाहाब-1 और शाहाब-2 आती हैं, जिनकी दूरी 300 से 700 किलोमीटर तक है.
शाहाब-3 ज्यादा ताकतवर मानी जाती है और यह करीब 1,300 से 1,450 किलोमीटर तक मार कर सकती है. क़द्र और ग़दर मिसाइलों की दूरी 1,600 से 2,000 किलोमीटर तक बताई जाती है. इमाद मिसाइल करीब 1,700 किलोमीटर तक पहुंच सकती है. ये मिसाइलें क्षेत्र के दूर के देशों तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं. लंबी दूरी की मिसाइलों में खोर्रमशहर और सज्जील शामिल हैं. इनकी दूरी लगभग 2,000 से 2,500 किलोमीटर तक बताई जाती है. सौमार एक क्रूज़ मिसाइल है जो करीब 2,500 किलोमीटर तक जा सकती है. खैबरशेकर की दूरी करीब 1,450 किलोमीटर है. ईरान अपनी मिसाइल ताकत को अपनी सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा मानता है. अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार इन मिसाइलों की असली क्षमता को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यही अनुमानित दूरी मानी जाती है.













