
IndiGo को मिली यात्रियों को रुलाने की सजा! समझें- फ्लाइट्स में 10% कटौती कितना बड़ा झटका, क्या जुर्माना भी लगेगा?
AajTak
मुनाफे के लिए नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपी इंडिगो पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की. सिविल एविएशन मंत्रालय की हाई लेवल मीटिंग के दौरान एयरलाइन की 10% फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया है, जिससे इंडिगो की लगभग 220 फ्लाइट्स घट जाएंगी.
सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन की 10% फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया है. ये फैसला मंगलवार शाम को हुई हाई-लेवल मीटिंग में लिया गया, जिसमें इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को तलब किया गया था. इसके अलावा इंडिगो को बुधवार शाम 5 बजे तक DGCA को एक बदला हुआ शेड्यूल जमा करने का भी निर्देश दिया गया है. बताया जा रहा है कि मंत्रालय के इस फैसले का सीधा असर इंडिगो की रोजना उड़ने वाली करीब 2200 फ्लाइट्स पर पड़ेगा. यानी लगभग 220 फ्लाइट्स घट जाएंगी.
दरअसल, पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही हैं. 2 दिसंबर से अब तक कई हजार ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिसमें मंगलवार को ही 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं. दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई जैसे हवाई अड्डों पर हाहाकार मच गया. इंडिगो ने अब तक 827 करोड़ रुपये रिफंड कर चुकी है, लेकिन यात्रियों की परेशानी का क्या?.
सुविधा के लिए होते हैं उपाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह कहा, 'किसी भी बेगुनाह भारतीय को किसी भी कानून या नियम की वजह से परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए और ऐसे उपाय हमेशा आम लोगों की सुविधा के लिए होने चाहिए.' इसके बाद लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि सरकार किसी को नहीं बख्शेगी. शाम को सिविल एविएशन मंत्रालय की हाईलेवल मीटिंग में इंडिगो के CEO को तलब किया गया और फिर इंडिगो की 10 फीसदी उड़ानों में कटौती का फैसला ले लिया गया. उधर, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स जो अपने ग्राहकों से माफी मांगते हुए एक और मौका दिए जाने की वकालत करते फिर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये बताने की स्थिति में नहीं हैं कि आखिर ऐसा हुआ कैसे?
एयरलाइंस को तलब कर सकती है संसदीय समिति वहीं, सरकार ने ये भी कहा कि इंडिगो ने नए नियमों को लेकर सरकार को अंधेरे में रखा. नए नियमों के पालन करने की हामी भरी ली, लेकिन उसे लागू नहीं कर सकी और हालात बद से बदतर हो गए. सरकार की तरह अब इंडिगो कांड पर संसदीय समिति भी सख्त रुख अपनाते हुए सभी एयरलाइंस और DGCA को तलब करने जा रही है. नागरिक उड्डयन मंत्री ने लोकसभा में बताया कि इंडिगो की तरफ से नए नियमों का पालन करने की बात कही गई, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया.
क्या बोले एक्सपर्ट कई एक्सपर्ट ने आरोप लगाया कि इंडिगो ने ऐसा सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया. मार्केट में अपने बड़े शेयर का दमखम दिखाने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने हंटर चला दिया. ऐसा करके सरकार ने दिखा दिया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर वो समझौता नहीं करेगी. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार का हंटर अभी नहीं रुकेगा. सरकार इंडिगो पर 1000 करोड़ का जुर्माना भी लगा सकती है.
चर्चा ये भी है कि सरकार से लेकर संसदीय समिति इंडिगो संकट की तह तक में जाने की बात कर रही है. इसके अलावा इंडिगो पर भारी जुर्माना लगाने की भी संभावना पर भी विचार करने के दावे हो रहे हैं, लेकिन सवाल मुसाफिरों के विश्वास का है. जिसे दोबारा हासिल करने में इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस को भी बहुत मेहनत करनी होगी.

'सब देखते रहे, वो गोली चलाता रहा…' वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह का बयान सामने आया है. उसने बताया कि बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बचाने की कोशिश हुई, लेकिन हमलावर दोबारा लौटकर गोली मार गया. घटना के बाद कॉलेज सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में डर और आक्रोश का माहौल है.

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.









