
Indian Railways: रेल मदद ऐप क्या है? इससे क्या सुविधाएं मिलती हैं? जानें कैसे उठाएं फायदा
AajTak
Indian Railway News: रेल मदद ऐप की मदद से आप अनरिजर्व्ड टिकट से लेकर प्लेटफॉर्म टिकट तक बड़ी आसानी से बुक कर सकते हैं. इन टिकटों के लिए आपको रेलवे स्टेशन पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके अलावा रेलवे की किसी भी सुविधा की शिकायत आप घर बैठे कर सकते हैं.
Rail Madad App: भारतीय रेलवे का रेल मदद ऐप बहुत काम का है. अगर आपको रेलवे से किसी भी तरह की समस्या है और आप उसकी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं, लेकिन वक्त की कमी की वजह से नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में रेल मदद ऐप आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है. इस ऐप के जरिेए आप ट्रेन या रेलवे स्टेशन से संबंधित शिकायत तुरंत दर्ज करा सकते हैं.
मेडिकल से लेकर स्टाफ के बर्ताव तक की करें शिकायत
इस ऐप पर आप मेडिकल असिस्टेंस को लेकर, सुरक्षा को लेकर, दिव्यांगजनों की सुविधाओं को लेकर, कोच में सफाई को लेकर, स्टाफ के बर्ताव समेत कई मुद्दों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत करने के बाद आप इसे ऐप पर भी ट्रैक कर सकते हैं. इसे आप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं.
अनरिजर्व्ड और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए लाइन लगाने की जरूरत नहीं
ऐप की मदद से आप अनरिजर्व्ड से लेकर प्लेटफॉर्म टिकट तक बड़ी आसानी से बुक कर सकते हैं. इन टिकटों के लिए आपको रेलवे स्टेशनों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके जरिए हार्ड कॉपी और पेपरलेस टिकट, दोनों पाने का विकल्प मिलता है. बिना इंटरनेट कनेक्शन ऑफलाइन मोड में टीटीई को इससे बुक हुए टिकट को दिखाया जा सकता है.
अंतिम वक्त में यात्रा करने वालों के लिए मददगार

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








