
IND vs ENG: पंत-गिल और यशस्वी की पारी देख याद आया 22 साल पुराना किस्सा, टीम इंडिया को मिली 'त्रिमूर्ति'
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भारत के युवा सितारों शुभमन गिल, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में शतक जड़कर 22 साल पुरानी एक यादगार अगस्त की दोपहर की गर्माहट फिर से ताज़ा कर दी, जब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने इसी हेडिंग्ले मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाकर इतिहास रचा था.
भारत के युवा सितारों शुभमन गिल, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में शतक जड़कर 22 साल पुरानी एक यादगार अगस्त की दोपहर की गर्माहट फिर से ताज़ा कर दी, जब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने इसी हेडिंग्ले मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाकर इतिहास रचा था.
तब इन दिग्गजों की पारियों ने भारत की विशाल जीत की नींव रखी थी, और आज 'नेक्स्ट जेनरेशन' की ये पारियां टीम इंडिया को एक और प्रसिद्ध जीत की ओर ले जा सकती हैं. खासकर विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद के युग में। इस प्रदर्शन ने ये साबित कर दिया कि भारत की बल्लेबाज़ी की धारा कभी सूखती नहीं है.
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2002 में, जब इन तीनों दिग्गजों ने शतक लगाए थे और भारत ने टेस्ट सीरीज़ ड्रॉ की थी, तब यह देश के क्रिकेट इतिहास में एक नई शुरुआत थी। तब भारत ने 'घर के शेर, बाहर के ढेर' वाली छवि से खुद को बाहर निकालना शुरू किया था.
हालांकि, जायसवाल और गिल के सामने जो चुनौती है, वह कुछ अलग है। आज का भारत विदेशी दौरों में सफल हो चुका है, लेकिन इन युवाओं को उन महान खिलाड़ियों की विरासत को आगे ले जाना है, जिन्होंने टीम को विदेशी ज़मीन पर भी ताकतवर बनाया.
आइए जानिए 22 साल पुराना वो किस्सा...

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












