
IND vs BAN 1st Test 2024: रविचंद्रन अश्विन चेन्नई टेस्ट में कपिल देव-हरभजन सिंह समेत 3 भारतीय सूरमाओं को पछाड़ेंगे? होमग्राउंड में होगा ये करिश्मा
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भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ पहला टेस्ट मैच चेन्नई में 19 सितंबर से खेलने उतर रही है. इस मुकाबले में गेंदबाजी के लिहाज से बात करें तो रविचंद्रन अश्विन के पास 3 भारतीय गेंदबाजों को पछाड़ने का मौका है, आइए जानते हैं कैसे?
India vs Bangladesh 1st Test 2024 Chennai: अगले सप्ताह की 19 तारीख, जगह: चेन्नई का एमए चिदम्बरम स्टेडियम और आमने- सामने होंगे भारत-बांग्लादेश. ये दोनों देश WTC (वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की 2023-25 साइकिल) के तहत टेस्ट मैच खेलेंगे. बांग्लादेश हाल में पाकिस्तान को 2-0 से टेस्ट सीरीज रौंदकर भारत आ रहा है, ऐसे में उसका कॉन्फिडेंस सातवें आसमान पर होगा.
बहरहाल, इस मुकाबले में गेंदबाजी के लिहाज से रविचंद्रन अश्विन कई बड़े-बड़े सूरमाओं को पीछे छोड़ सकते हैं. चेन्नई में होने वाला यह टेस्ट मैच रविचंद्रन अश्विन के लिए बेहद स्पेशल होगा, क्योंकि यह उनके होमग्राउंड पर होगा.
यह वही मैदान है, जहां अश्विन ने क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं. चेन्नई में 'अश्विन अन्ना' का गेंदबाजी का रिकॉर्ड बेहद शानदार और जानदार है. वह यहां कपिल देव, हरभजन सिंह और इरापल्ली प्रसन्ना के टेस्ट विकेटों के आंकड़ों को पीछे छोड़ सकते हैं.
चेन्नई में अश्विन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी चमके हैं. अश्विन ने फरवरी 2013 में चेन्नई के चेपॉक में सबसे पहला टेस्ट मैच खेला था. जहां उन्होंने 12 विकेट लिए थे. उसके बाद से अश्विन कुल 4 टेस्ट मैच चेन्नई में खेल चुके हैं. जहां उन्होंने 30 विकेट झटके हैं.
चेपॉक में सबसे ज्यादा विकेट दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले के नाम हैं. 'जंबो' के नाम से मशहूर कुंबले ने 8 टेस्ट मैचों में 48 विकेट हासिल किए हैं. इसके बाद हरभजन सिंह का नंबर है, जिनके नाम 7 टेस्ट में 42 विकेट हैं. फिर लिस्ट में कपिल देव हैं, जिन्होंने चेन्नई में खेलते हुए 11 टेस्ट में 40 विकेट झटके हैं. वहीं इरापल्ली प्रसन्ना के नाम चेन्नई में 5 टेस्ट में 36 टेस्ट विकेट हैं.
ऐसे में देखा जाए तो अश्विन का जिस तरह का रिकॉर्ड चेन्नई में रहा है तो वह हरभजन सिंह, कपिल देव और इरापल्ली प्रसन्ना को पीछे छोड़ सकते हैं. क्योंकि अश्विन जब भी चेन्नई में खेलते हैं तो 'गुच्छों' में विकेट लेते हैं. 30 विकेट के अलावा इसके अलावा उन्होंने 4 टेस्ट मैच खेलते हुए 229 रन भी बनाए हैं.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












