
Guy को Gaay समझ लिया.... Cow Hug Day को लेकर शशि थरूर की सरकार पर चुटकी
AajTak
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सरकार पर तंज कसा है. पहले जो Cow Hug Day मनाने की तैयारी की जा रही थी, उसे लेकर पर शशि थरूर ने चुटकी ली है. जयराम रमेश ने भी सवाल उठा दिए हैं.
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने लोगों से 'वेलेंटाइन डे को 'काउ हग डे' मनाने की अपील तो वापस ले ली है, लेकिन इसे लेकर विपक्ष द्वारा लगातार सरकार पर तंज कसा जा रहा है. एक तरफ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि ये आइडिया किसका था तो दूसरी तरफ शशि थरूर ने सीधे-सीधे तंज कस दिया है. यहां तक कहा गया है कि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने शायद Guy को Gaay समझ लिया होगा.
शशि थरूर ने ट्वीट कर लिखा कि मुझे लगता है कि असल आदेश ये होगा कि वेलेंटाइन डे पर अपने Guy को हग करें, लेकिन आखिरी शब्द को हिंदू राष्ट्रवादी ने Gaay समझ लिया. अब ये ट्वीट तब सामने आया है जब इस Cow Hug Day वाली अपील को वापस ले लिया गया. असल में इस एक अपील पर इतने मीम्स बन गए थे कि सरकार पर इसे वापस लेने का दबाव था. ये अलग बात रही कि केंद्रीय मंत्री परशोत्तम रूपाला ने कहा था कि लोग अगर इस अपील को सकारात्मक तरीके से लें तो अच्छा रहेगा. नोटिस को लेकर तर्क दिया गया था कि पश्चिमी संस्कृति के बीच वैदिक परंपराएं विलुप्त हो गई हैं.
लेकिन इस अपील का किसी ने भी स्वागत नहीं किया और विपक्ष ने भी तरह-तरह के सवाल उठा दिए. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सबसे पहले तो ये बताओ कि ये आइडिया किसके दिमाग की उपज थी. कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी तरह-तरह के तंज कसने शुरू कर दिए. कुछ मीम्स में तो अडानी को भी इससे जोड़ दिया गया. लेकिन उस दबाव की वजह से उस नोटिस को ही वापस ले लिया गया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









