
Ground Report: आसमान से टपकती ओस, ठिठुरन वाली ठंड... दिसंबर की सर्द रात में खुले आसमान तले क्यों प्रदर्शन कर रहे BPSC के अभ्यर्थी
AajTak
BPSC 70वीं परीक्षा के अभ्यर्थी सर्द रात में खुले आसमान के तले धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. वहां जहां रात की ओस कपड़ों को भिगो रही है, रात भर जाग रही बेटियां सरकार से री-एग्जाम की मांग में डटी हुई हैं. aajtak.in की ग्राउंड रिपोर्ट पढ़िए.
मेरा नाम अर्चना है...मैं पिछले 6 दिनों से भूखे-प्यासे गर्दनिबाग में इस ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठी हूं. मेरे साथ बैठी कई अभ्यर्थियों की तबियत खराब हो गई लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुध लेने वाला नहीं आया. हम सब यहां BPSC 70वीं की परीक्षा फिर से आयोजित करवाने की मांग पर बैठे है.
अर्चना कहती हैं कि कोरोना काल में मेरे माता और पिता दोनों दुनिया छोड़ गए. तब से मै खुद पार्ट टाइम जॉब करके BPSC की तैयारी कर रही हूं. तैयारी करते हुए मुझे 8 साल हो गए. इस बार परीक्षा को लेकर बहुत उम्मीद थी, लेकिन फिर से परीक्षा मे गड़बड़ी हुई है. एक परीक्षा सेंटर में परीक्षा को फिर से लिया जाएगा तो बाकी 4 लाख 65 हजार बच्चों के साथ नाइंसाफी होगी. हमारी मांग है कि आयोग इस पूरी परीक्षा को फिर से आयोजित करे.
इसी मांग के साथ पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अर्चना के साथ-साथ हजारों अभ्यर्थी पिछले छह दिनों से बिहार लोक सेवा आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. अभ्यर्थी दिन रात धरना स्थल पर टिके हुए है. यहां न सिर्फ पुरुष अभ्यर्थी बल्कि महिला अभ्यर्थी भी धरने पर बैठी हैं. रात का वक्त खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे अभ्यर्थी और आसमान से टपकती ओस की बूंदें, माहौल को कष्टकारी बना रहे हैं. अभ्यर्थी कह रहे हैं कि हम अपनी मांग को लेकर ठंड मे ठिठुर रहे है तो दूसरी तरफ सरकार चद्दर ताने चैन की नींद सोई हुई है. सोमवार की देर रात आज तक की टीम उन अभ्यर्थियों का दर्द बांटने उनके बीच पहुची.जहां देखा कि रात के करीब 12 बज चुके थे. लेकिन अभ्यर्थियों का जोश उसी तरह हाई था मानो दिन के 12 बज रहे हों.
री-एग्जाम की मांग कर रहे अभ्यर्थी
आज तक ने उन अभ्यर्थियों से बतचीत कर उनकी मुश्किलें और उनकी मांगों के बारे में पूछा. इस दौरान अर्चना ने तो अपनी बात बताई ही, साथ ही अर्चना के बगल मे बैठी दूसरी महिला अभ्यर्थी ने कहा कि अगर सिर्फ 12 हजार बच्चों का ही परीक्षा फिर से लिया जाएगा तो हम बाकी अभ्यर्थियों की समानता पर चोट होगी. हमारा अधिकार है अपनी मांग को रखना और इसीलिए हम हजारों छात्र यहां आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. जब तक आयोग इस परीक्षा को फिर से आयोजित करवाने का ऐलान नहीं करेगा, तब तक हम झुकेंगे नहीं.
गुरु रहमान भी समर्थन देने पहुंचे

10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

राजस्थान SOG ने OMR फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए RSSB के टेक्निकल हेड संजय माथुर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि 2018 की तीन भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट और रिजल्ट से छेड़छाड़ कर अयोग्य उम्मीदवारों के अंक बढ़ाए गए. जांच में फोटोशॉप के जरिए हेरफेर, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. मामले में IPC, आईटी एक्ट और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है.

वीवो भारतीय बाजार में एक नया फोन लॉन्च करने वाला है. कंपनी Vivo X200T को लॉन्च करेगी, जो 50MP + 50MP + 50MP के ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा. फोन को पावर देने के लिए 6,200mAh की बैटरी दी जा सकती है. इस फोन में MediaTek Dimensity 9400+ प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए जानते हैं इस फोन की खास बातें और कब होगा लॉन्च.

Toll dues pending: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने टोल से जुड़े नियम और सख्त कर दिए हैं. अब टोल का बकाया होने पर वाहन से जुड़े कई कामों को करने ही अनुमति नहीं मिलेगी. बिना टोल टैक्स का भुगतान (Toll Payment) के वाहन मालिकों को एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.

हावर्ड के वर्चस्व को चीन से जबदस्त चुनौती मिल रही है. ये सिर्फ रैंकिंग का सवाल नहीं है, बड़ा प्रश्न ये है कि याने वाले समय में साइंस से जुड़े नियम कौन बनाएगा. क्योंकि चीन विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता की मुहल लगाने वाले के तौर पर हार्वर्ड की जगह लेने के लिए खुद को तैयार कर रहा है. इन सबके बीच भारत के सामने के सामने क्या विकल्प हैं - या तो अपनी खुद की अनुसंधान शक्ति को विकसित करना या किसी एक पर आश्रित बने रहना.







