
Ganesh Chaturthi: शनिदेव की दृष्टि पड़ते ही गणेश जी का सिर हुआ था धड़ से अलग, पढ़िए पौराणिक कथा
AajTak
Ganesh Chaturthi 2021: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश उत्सव धूमधाम से शुरू हो जाएगा. पुराणों में भगवान गणेश से जुड़ी कई मान्यताएं मिलती हैं. इनमें से एक है गणपति के जन्म की कहानी भी है.
गणेश चतुर्थी 2021 (Ganesh Chaturthi 2021) की तैयारियां शुरू हो गई हैं. 10 सितंबर 2021, दिन शुक्रवार को घर-घर में विघ्न विनाशक गणेश जी विराजेंगे. गणेश उत्सव को लेकर लोगों में गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश उत्सव धूमधाम से शुरू हो जाएगा. पुराणों में भगवान गणेश से जुड़ी कई मान्यताएं मिलती हैं. इनमें से एक है गणपति के जन्म (Ganesh katha) की कहानी भी है. पढ़िए पौराणिक कथा....
सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










