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Explainer: भारत की खेती के लिए ‘गोल्डन चांस’? US और EU समझौते से 400 अरब डॉलर का रास्ता खुला; जानिए किसानों को क्या होगा फायदा?
Zee News
भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर के पास एक बड़ा नया मौका है. यूनाइटेड स्टेट्स और यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से 400 बिलियन US डॉलर के मार्केट खुले हैं.
India’s Agri Sector : US और 27 देशों के ग्रुप यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए USD 400 बिलियन का मौका खुला है. ये बात सरकार के एक अधिकारी ने कही है. अधिकारी ने सोमवार को कहा था कि अभी US को भारत का एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट 2.8 बिलियन डॉलर है. जबकि इम्पोर्ट सिर्फ 1.5 बिलियन डॉलर है. कुल मिलाकर भारत का एग्रीकल्चरल सामान का इम्पोर्ट 35 बिलियन डॉलर का है, जबकि एक्सपोर्ट 51-52 बिलियन डॉलर का है और ये आंकड़े बढ़ रहे हैं.
400 बिलियन डॉलर का मार्केट खुला
अधिकारी ने कहा कि इन ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए हमने EU और US मिलाकर 400 बिलियन डॉलर के मार्केट खोले हैं. हम अपने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए एक बड़ा मौका खोल रहे हैं. किसी भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में भारत ने डेयरी, पोल्ट्री और अनाज जैसे सेक्टर पर कोई ड्यूटी में छूट नहीं दी है.
कॉमर्स मिनिस्ट्री के जारी ट्रेड डेटा में कहा गया है कि EU को भारतीय खेती का एक्सपोर्ट पहले से ही बढ़ रहा है. इसमें समुद्री प्रोडक्ट, कॉफी, चाय और मसाले चार्ट में सबसे ऊपर हैं. EU को मछली और दूसरे पानी में रहने वाले बिना रीढ़ वाले जीवों का भारतीय एक्सपोर्ट अप्रैल-दिसंबर 2023 में $632 मिलियन से बढ़कर अप्रैल-दिसंबर 2025 में $982 मिलियन हो गया है. इसमें 55 परसेंट की बढ़ोतरी है. इसी समय में कॉफी, चाय, मसालों का एक्सपोर्ट $489 मिलियन से बढ़कर $773 मिलियन हो गया है और गोंद, रेजिन और सब्जियों के रस का एक्सपोर्ट $121 मिलियन से बढ़कर $173 मिलियन हो गया है.
अनाज का एक्सपोर्ट बढ़ा




