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अमेरिका-ईरान की जंग की आग से जलेगा चीन! सस्ते तेल की लालच में दिखा रहा था चालबाजी, अब ट्रंप के चक्रव्यूह में फंसा बीजिंग
Zee News
US-Iran War Impact on China: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते अब खत्म हो गए हैं. अमेरिका ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है. CNN और CBS की रिपोर्ट की माने तो US मिलिट्री इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकते हैं.
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते अब लगभग खत्म हो गए हैं. बैठकों में बात नहीं बनी तो अब अमेरिका ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है. CNN और CBS की रिपोर्ट की माने तो US मिलिट्री इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकते हैं. अमेरिकी युद्ध पोतों ने तेहरान को अपने निशाने पर रखा है, ट्रंप के एक आर्डर के साथ फायरिंग शुरू हो जाएगी. अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आहट से मिडिल ईस्ट में टेंशन चरम पर पहुंच चुका है. जिसका असर तेल की सप्लाई पर, कच्चे तेल की कीमतों पर अभी से दिखने लगा है. ईरान और अमेरिका के बीच जंग से तेल की कीमतों में आग लगना तय है. इसकी चपेट में दुनियाभर के तमाम देश आ जाएंगे. भले ही ये हमला अमेरिका की ओर से ईरान पर हो, लेकिन उसकी सबसे गहरी मार चीन पर पड़ेगी. चीन से 4622 किलोमीटर ईरान के पास जैसे-जैसे अमेरिकी मिसाइलें, युद्धपोतों की तैनाती बढ़ रही है, चीन की सासें तेज होने लगी है.
ईरान पर अमेरिका के हमले का दर्द चीन को होगा ?
अगर ईरान पर अमेरिका हमला करता है, अमेरिकी मिसाइलें ईरानी जमीन को निशाना बनाती हैं तो चीन की मुश्किल बढ़नी तय है. दरअसल चीन ईरानी तेज का सबसे बड़ा खरीदार है. तमाम पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदता है. ईरानी तेल का 80 फीसदी निर्यात चीन को जाता है. साल 2025 में चीन की तेल रिफाइनरियों ने रोजाना 1.38 मिलियन बैरल ईरानी तेल की खरीदारी की है. ईरान से उसे भारी डिस्काउंट पर तेल खरीदता है, लेकिन अब यही सस्ता तेल उसकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं.
कौन है ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार




