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स्टार, केयर, नीवा बूपा....इन बीमा कंपनियों से लिया है हेल्थ इंश्योरेंस तो जरा संभल जाए,कैशलेस इलाज के बाद अब नया बवाल,क्लेम रिजेक्शन में टॉप पर
Zee News
Health Insurance Claim: लोग सालों-साल मोटा प्रीमियम चुकाते हैं, ताकि मुश्किल वक्त में अपने और अपने परिवार के इलाज के खर्च के बोझ से बच सके, लेकिन जब असली जरूरत पड़ती हैं, तब बीमा कंपनियां तमाम छिपे क्लॉज का बहाना बनाकर क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं.
Health Insurance: लखनऊ के एक शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. शख्स इंश्योरेंस कंपनी के सामने अपनी मां के हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम अप्रूव करने के लिए गुहार लगा रहा है. हर साल 50000 रुपये का भारी भरकम प्रीमियम भरकर उसने मां के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लिया था, लेकिन जब उसके इलाज के लिए बीमा की जरूरत पड़ी तो बीमा कंपनियों ने मुंह मोड़ लिया. इस वीडियो ने एक बार फिर से हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर लोगों के मन में सवाल उठा दिया है. बीमा कंपनियों की मनमानी ने एक बार फिर बता दिया है कि क्यों भारत में हेल्थ इंश्योरेंस लेने से लोग कतराते हैं. हाई प्रीमियम और क्लेम रिजेक्शन के बढ़ते मामले इसके लिए सबसे बड़े कसूरवार है. लोग सालों-साल मोटा प्रीमियम चुकाते हैं, ताकि मुश्किल वक्त में अपने और अपने परिवार के इलाज के खर्च के बोझ से बच सके, लेकिन जब असली जरूरत पड़ती हैं, तब बीमा कंपनियां तमाम छिपे क्लॉज का बहाना बनाकर क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं.
क्लेम रिजेक्शन के मामले में अव्वल कंपनी
लखनऊ वायरल वीडियो वाले केस में भी जिस बीमा कंपनी का नाम सामने आया, वो देश की सबसे खराब बीमा कंपनियों में से एक है. खराब इसलिए क्योंकि क्लेम रिजेक्ट करने में ये बीमा कंपनी सबसे आगे है. स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा है. कभी कैशलेस ट्रीटमेंट के मामले में इस बीमा कंपनी का अस्पतालों से करार टूट जाता है तो IRDAI के हैंडबुक डेटा के हिसाब से भी ये क्लेम रिजेक्शन में टॉप पर है.
सबसे खराब बीमा कंपनियों में कौन-कौन
IRDAI हैंडबुक के इंडियन इंश्योरेंस स्टैटिक्स 2024–25 के मुताबिक Star Health & Allied Insurance Co. Ltd के पास 12,186 शिकायतें पहुंची थी. इसी तरह से CARE Health Insurance के पास 4,423 और Niva Bupa Health Insurance के पास 3,983 शिकायतें दर्ज कराई गई. इसे थोड़ा और समझें तो बीमा लोकपाल परिषद की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक स्टार हेल्थ इंश्योरेंस से संबंधित हर लाख पॉलिसी में से 51 शिकायतें बीमा लोकपाल के पास दर्ज हुई. इसी तरह से बीमा कंपनियों की परफॉर्मेस मापे के एक और मैट्रैक्स incurred claims ratio (ICR) देखें तो भी जहां स्टार हेल्थ फ्लॉप रहा है. Star Health का ICR वित्त वर्ष 2023-24 में 66.47% और वित्त वर्ष 2024-25 में 70.3% रहा. ICR का मतलब अर्जित प्रीमियम के उस अनुपात को दर्शाता है जो दावों के रूप में भुगतान किया जाता है.




