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किसान के बेटे पर TATA का ऐसा भरोसा कि अपने ही नियम तोड़कर तीसरी बार 'कप्तान' बनाने की तैयारी, ₹156 करोड़ की तगड़ी सैलरी
Zee News
Who is N Chandrasekaran: 158 साल पुराने, देश की सबसे विश्वनीय कंपनियों में से एक, जिसके नाम से ही भरोसा जुड़ जाता है, उस टाटा समूह (TATASONS) में पहली बार वो होने जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ है.
Tata Group: 158 साल पुरानी, देश की सबसे विश्वनीय कंपनियों में से एक, जिसके नाम से ही भरोसा जुड़ जाता है, उस टाटा समूह (TATASONS) में पहली बार वो होने जा रहा है, जो इससे पहले सिर्फ रतन टाटा (Ratan Tata) के लिए हुआ था. टाटा (TATA) ने अपने ही नियम को तोड़ते हुए टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) की तीसरी पारी की तैयारी कर ली है. रतन टाटा (Ratan Tata) के राइट हैंड कहलाने वाले चंद्रशेखरन तीसरी बार टाटासमूह के चेयरमैन पद की कमान संभाल सकते हैं. चंद्रशेखरन को रिटायरमेंट की उम्र में छूट देते हुए उन्हें शीर्ष पद की तीसरी बार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. उनके लिए कंपनी के नियमों में बदलाव की जाएगी. उन्हें रिटायरमेंट उम्र में छूट देकर कंपनी की फिर से कमान सौंपी जाएगी.
तीसरी बार टाटा समूह के चीफ बनेंगे चंद्रशेखरन ?
63 साल के चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल खत्म होने में एक साल बाकी है. बोर्ड उन्हें तीसरी बार फिर से टाटासंस के चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपना चाहती है. अगर ऐसा होता है तो यह प्रस्ताव टाटा संस की रिटायरमेंट पॉलिसी में एक अपवाद होगा. इससे पहले ये छूट सिर्फ रतन टाटा को मिली थी, जब उन्होंने साइरस मिस्त्री की जगह चेयरमैन पद की जिम्मेदारी फिर से संभाली थी. नियम के मुताबिक टाटा संस में 65 साल की उम्र के बाद कोई भी शीर्ष अधिकारी अपने कार्यकारी पद से हट जाता है.
रतन टाटा ही नहीं नोएल टाटा की भी पसंद हैं चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन को रतन टाटा का राइट हैंड कहा जाता है. उन्हें नोएल टाटा भी पसंद करते हैं. उनपर इतना भरोसा है कि उनके लिए टाटा के नियमों की बदलाव किया जा रहा है.वजह साफ है कि कंपनी चाहती है कि जिन बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत चंद्रशेखरन ने अपने नेतृत्व में की है, वो बेहद अहम है और कंपनी चाहती है कि वो अपने नेतृत्व में ही उन प्रोजेक्ट को पूरा करें. टाटा की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, ईवी बैटरी प्रोजेक्ट, एयर इंडिया की रीब्रॉन्डिंग, एआई प्रोजेक्ट जैसे बड़े काम की जिम्मेदारी चंद्रशेखरन पर है. वहीं उनके नेतृत्व में कंपनी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में कंपनी चंद्रशेखरन के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है.




